महिला हितों की रक्षा एवं उनके उत्थान के प्रति समर्पित गैर लाभकारी संगठन “जस्टिस फाउंडेशन” ने अंतर्राष्ट्रीय महिला विरोधी हिंसा उन्मूलन दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। गोष्ठी में महिलाओं एवं लड़कियों के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर जारी हिंसा एवं इसके रोकथाम के प्रति जागरूकता फैलाई गयी।
गोष्ठी के दौरान प्रबुद्ध शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री राजकुमार जैन ने महिलाओं के खिलाफ जारी हिंसा पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए इसके विरुद्ध एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आयेदिन लड़कियों के साथ छेड़खानी, चेहरेपर एसिड डालने, अपहरण एवं रेप जैसी जघन्य आपराधिक घटनाएं सुनाई देती है। घर की चारदिवारी में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें दहेज लोभियों की घोर प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। श्री जैन ने कहा कि महिलाओं को अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी, तभी इस पर अंकुश लगाया जा सकता है।
“जस्टिस फाउंडेशन” की कंवीनर सुश्री सुरिभ ने कहा कि किसी भी राष्ट्र-समाज की तरक्की महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। इसलिए जरुरी है कि महिलाओं को निर्भीक होकर सम्मान सहित जीवन यापन के अवसर मिले। इसके लिए पुलिस को महिला संबंधी घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाना होगा। साथ ही जनसाधारण को भी इसमें अपना भरपूर सहयोग देना होगा। गौरतलब है कि “जस्टिस फाउंडेशन” महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरुक करने, उनके खिलाफ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करने के साथ ही साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी प्रयास करती है।
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