Search latest news, events, activities, business...

Search & get (home delivered) HOT products @ Heavy discounts

Sunday, May 29, 2016

स्टारर्स भी कर रहे स्ट्रगल

प्रेमबाबू शर्मा

अपने जमाने की मशहूर अदाकारा राखी ने बाद में फिल्मों में बतौर चरित्र अभिनेत्री काम किया। विद्या सिन्हा ने भी कई फिल्मों और धारावाहिकों में चरित्र अभिनय किया। मशहूर कलाकार भारत भूषण ने फिल्मों का निर्माण किया जिसके चलते वो आर्थिक तंगी में आ गए और स्वयं के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए उन्होंने कई फिल्मों में चरित्र अभिनय किया। जितेंद्र ने कुछ फिल्मों में चरित्र अभिनय किया। मौसमी चटर्जी, रेखा, विनोद खन्ना, कामिनी कौशल, अमृता सिंह, डिंपल कपाड़िया ने भी बड़े परदे पर बतौर चरित्र अभिनय काम किया।

बालीवुड की सिल्वर स्क्रिन ने अनेकों कलाकारों को लोकप्रिय बनाया और ना जाने कितनों अलविदा कह दिया। मुमंई में नाम कमाने के बाद भी ऐसे बहुत से सितारे है आज उनके पास काम नही है,लेकिन उन्हें पैसे के साथ ग्लैमर और पॉपुलरिटी चाहिए, और अपने चाहने वालों की नजरों में और दिलों में रहना है इसके लिए परदे पर दिखते रहना उनकी जरूरत के साथ मजबूरी भी है क्योंकि जहां काम मिलना बंद हो जाता है वहीं उनसे उनकी लोकप्रियता और उनका ग्लैमर भी छिने जाने का डर भी उन्हें सताने लगता है।
यही कारण है कि बहुत सारे कलाकार अब एक्टिंग की दुनिया में दूसरी पारी की शुरुआत कर चुके हैं या तो करने का मौका तलाश रहे हैं। कुछ कलाकार समय के साथ समझौता करते हुए बतौर चरित्र अभिनेता काम कर रहे हैं।

अमिताभ बच्चन का लाल ‘बादशाह’ के बाद करियर समाप्त सा हो गया था,एक बढती उम्र और काम की कमी के चलते उनको भी कमजोर अर्थिक स्थिति से गुजरना पड़ा था। जब उन्होंने एबीसीएल कंपनी खोली और बाद में बुरी तरह से फ्लाफ होने के बाद में उनकी अर्थिक स्थिति कमजोर होने लगी...फिल्मों का ना मिलना और लोगों के बीच अपनी पहचान बरकारर रहने के लिए उनको दूसरी पारी में जो काम मिला उससे ही सतुष्ट रहना पडा...भला हो कि उनको ‘ कौन बनेगा करोड़ पति’ जैसा लोकप्रिय शो मिल गया और उनकी यह पारी पूरी तरह से सार्थक रहीं। अमिताभ ने दूसरी पारी में पीकू,पा, मोहब्बते, वजीर, भूतनाथ,रिर्टन, ब्लैक, आरक्षण, चीनी कम, सरकार... जैसी अनेकों फिल्मों काम किया,जिसमें कुछ फिल्में सफल तो कुछ असमान्य रहीं।

करिश्मा कपूर, संजय कपूर से अलग होने के बाद काम की तलाश में जुट गई हैं और जल्दी से जल्दी अपनी नई पारी शुरू करने में लगी हैं। करिश्मा कपूर की हल्की कॉमेडी फिल्मों में काम करने की इच्छा थी,
लेकिन ‘डेंजरेस इश्क’ से उनकी वापसी हुई,किन्तु अफसोस यह फिल्म बाक्स ऑफिस पर दर्शकों का दिल जीतने में असफल रही।

अभिनेत्री ने यह बातें मुम्बई में गोदरेज नेचर्स बास्केट स्टोर के उद्घाटन के मौके पर कही। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें मिठाइयां बहुत पसंद हैं।फिलहाल करिश्मा अपने वर्चस्व को बचाने के लिए एक लोकप्रिय रेडियो स्टेशन पर फैशन पर आधारित शो प्रस्तुत कर रही हैं। इसके अलावा वह वर्ष 1982 में आई फिल्म ‘सत्ते पे सत्ता’ के रिमेक में भी नजर आएंगी। 

रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘‘सत्या’ में भीखू हात्रे के किरदार से करियर की शुरुआत करने वाले मनोज बाजपेयी भी इन दिनों खाली हैं और काम की तलाश कर रहे हैं। ‘‘सत्या’ में उनकी अदाकारी देखकर ऐसा लगा था कि वे थमने वालों में से नहीं हैं। लेकिन एकल या सोलो भूमिकाएं निभाने की ख्वाहिश में शायद वे पिछड़ते चले गए। इस समय मनोज भी काम की कमी से ही जूझ रहे हैं। वैसे मनोज बाजपेयी एक बेहतरीन कलाकर हैं। एक बेहतरीन कलाकार के लिए भी यदि बॉलीवुड में कोई काम नहीं है, तो इसे हिंदी सिनेमा का दुर्भाग्य ही कहेंगे।

सोनम कपूर की गिनती बॉलीवुड की मोस्ट स्टाइलिश एक्ट्रेस में होती है फिर भी उनके पास भी फिल्मों की अभाव है। साल की शुरुआत में सोनम फिल्म ‘‘नीरजा‘‘ में नजर आई थी। इनके साथ मलाइका अरोड़ा खान, महिमा चैधरी, लारा दत्ता, रवीना टंडन, मनीषा कोईराला, दीप्ती नवल, माधुरी दीक्षित, कुंद्रा, विवेक ओबेरॉय, अविनाश वाधवान, आदित्य पंचोली, रजा मुराद, शक्ती कपूर, तब्बू, रितेश देशमुख, आशुतोष राणा, अरमान कोहली, काजोल, दीया मिर्जा, असीन, तुषार कपूर, ट्विंकल खन्ना, रिंकी खन्ना, सोनाली बेंद्रे, नगमा, उर्मिला मांतोडकर, सनी देओल, बॉबी देओल, अजरुन रामपाल, शाहीद कपूर, प्रिटी जिंटा, जैकलीन फर्नान्डिस, सुमिता सेन, सेलिना जेटली, उदय चोपड़ा, विवेक ओबरॉय, शमिता शेट्टी, बिपाशा बसु, अमिषा पटेल, रणबीर शौरी, के के मेनन, नीतू चंद्रा, कोइना मित्रा, मुग्धा गोडसे, कोंकणा सेन शर्मा आदि कई ऐसे कलाकार हैं जो इन दिनों खाली खाली से हैं और काम की तलाश कर रहे हैं।

मासूम से चेहरे वाली अमृता राव राजश्री प्रोडेक्शन कि फिल्म ‘विवाह’ के दमदार अभिय के बाद भी उनका करियर जम नही पाया और बड़े परदे से उतरकर आजकल छोटे परदे पर ‘टीवी शो ‘मेरी आवाज ही पहचान है’ में अभिनय करती दिखाई दे रही हैं, ताकि अपने अभिनय के करियर को बरकरार रख सकें। शिल्पा शिरोडकर बड़े परदे से हटकर अब छोटे परदे पर एक मुठठी आसमान और ‘सिलसिला प्यार का’ में मां का किरदार निभा रही हैं।

राहुल रॉय ने तो अपने इंटरव्यू में कहा भी था कि ‘वो अच्छी स्क्रिप्ट की तलाश में हैं, स्क्रिप्ट हाथ लगते ही काम शुरू कर देंगे।’

इनमें से कुछ सितारे तो अपना होम प्रोडक्शन खोलकर फिल्में बना रहे हैं तो कुछ खुद की होम प्रोडक्शन में ही काम कर रहे हैं, तो कुछ ने साउथ और दूसरी भाषाओं की फिल्मों की तरफ अपना रुख कर लिया है। इमरान कहते हैं कि वो अपनी भूमिकाओं को लेकर चूजी हैं लेकिन साल 2015 में ‘‘कट्टी बट्टी‘‘ में दिखे थे। लेकिन फिलहाल कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। प्रिटी जिंटा लगभग सालभर पहले एक डांस रियलिटी शो में निर्णायक की भूमिका में दिखाई दी थीं और अब काम की तलाश में लगी हुई हैं। फिल्मों में मुख्य किरदार निभाने वाले बहुत सारे कलाकार अब बतौर चरित्र अभिनेता सिनेमा के परदे पर दिखाई दे रहे हैं। दरअसल सिनेमा की चकाचैंध रह रहकर सभी को अपनी ओर खींचती है। इसीलिए जहां कई सितारे अपनी आर्थिक तंगी के चलते काम की तलाश कर रहे हैं, तो वहीं कई सितारे अपनी पुरानी पहचान वापस पाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। जिन्हें परदे पर कोई काम नहीं मिल पा रहा है उन्होंने सिनेमा से जुड़े दूसरे काम शुरू कर दिए हैं। कोई मेकअप वैन को किराए देने का काम कर रहा है तो कोई कलाकारों को सुरक्षा दिलवा रहा है। कुछ ने तो अपने घर को शूटिंग के लिए किराए पर देना शुरू कर दिया है तो अमिषा पटेल, नीलम आदि कुछ कलाकार ज्वेलरी डिजाइनर बन गए हैं तो कुछ सितारे दूसरों के कपड़े डिजाइन कर रहे हैं। क्योंकि जिस तरह आम लोगों अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत होती है वैसे ही सितारों को भी धन की आवश्यकता होती है ताकि वो अपने जीवन की जरूरतों को पूरा कर सके और इसीलिए अपने अनुभव और पहचान का लाभ उठाते हुए काम कर रहे हैं। वैसे भी काम जब पूरी ईमानदारी और दिल से किया जाए तो सफलता मिलती ही है। 

वैसे देखा जाए तो क्या बड़े और क्या छोटे सभी कलाकार अपने अस्तित्व को बनाए रखने व अपनी आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते रहते हैं। इसीलिए शाहरुख खान भी कहते हैं कि ‘‘अब तो जो निभा चुका हूं, उससे अलग और बेहतर किरदार की तलाश कर रहा हूं जो मेरे अंदर के कलाकार को संतुष्ट कर सके।‘‘

Thanks for your VISITs

 
How to Configure Numbered Page Navigation After installing, you might want to change these default settings: