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Tuesday, June 27, 2017

Happy Birthday- P T Usha


Monday, June 26, 2017

Sahaj Sambhav organised a peace march on occasion of International Day Against Drug Abuse


Sahaj Sambhav organised a peace march on occasion of International Day Against Drug Abuse in order to spread the message to the common people and specially youth. As drug addiction is increasing day by day and causes the harm to the society. Addiction is the root cause of the evils in the society. It diminishes the goodness and culture rapidly. These days our young generation is suffering from this disease.

Sahaj Sambhav team organised peace march from Reliance Fresh, Kakrola Mod to our centre at C-104, Patel Garden, New Delhi on 26 June 2017 in order to convey the message SAY NO TO DRUGS.

Sahaj Sambhav team members Mrs. Rekha Jhingan-General Secretary, Mrs. Preetima Khandelwal, Mrs.Shanu Wadhwa, Mrs. Neelam Prashar, Mrs. Ankita Trikha, Mr I.M. Khanna, Mr. Chopra, Mrs. Madhulika Goyal, Mrs. Sarita Bhatia along with their team had put their effort to make the campaign successful.

Guest of Honour  Ex- Councillor Mrs. Shashi Tomar, Mr. Raj Dutt newly elected councillor and Mr. Harinder Puri also graced the ocassion. They give their support to the institution and appreciate the efforts made by Sahaj Sambhav.

Release of Survey report on faulty signage & Traffic signals & road markings in Delhi

Institute of Road Traffic Education (IRTE) Cordially Invites you to
A PRESS MEET In Connection with Release of Survey report on Crisis of Traffic Management in Delhi

Presenting a White Paper on the Faulty Signs, Signals & Road Markings (Increasing Congestion, Road Traffic Violations & Road Deaths need to be curtailed )

Road Environment must support the Motor Vehicles
Amendment Bill awaiting clearance from RajyaSabha
On Wednesday, June 28, 2017 At India Habitat Centre, Lodhi Road At 11.00 A.M.

Others who will be present on the occasion will Include

Prof. Dr. Sewa Ram, Professor of Transport Planning
School of Planning and Archtiecture (SPA)
Mr K K Kapila, Chairman, International Road Federation (IRF)

ईद मुबारक -- रईस सिद्दीक़ी


पेश है " ईद "  पर कुछ शायरों की नज़्मों और ग़ज़लों से चुनीदा  शेर। 











आप इधर आये,उधर दीन और ईमान गए
ईद का चाँद नज़र आया तो रमज़ान गए
दीन: धर्म , ईमान:आस्था
--शुजा ख़ावर
चाक-ए-दामन को जो देखा तो मिला ईद का चाँद
अपनी तक़दीर कहाँ भूल गया ईद का चाँद
जाने क्यों आपके रुख़सार महक उठते हैं
जब कभी कान में चुपके से कहा ईद का चाँद
चाक-ए-दामन:फटा दामन ,रुख़सार: गाल --साग़र सिद्दीक़ी
रोज़ों की सख़्तियों में न होते अगर असीर
तो ऐसी ईद की न ख़ुशी होती दिल-पिज़ीर
सब शाद हैं ,गदा से लगा शाह ता वज़ीर
देखा जो हमने ख़ूब तो सच है, मियाँ नज़ीर
ऐसी न शबे बरात , न बकरीद की ख़ुशी
जैसी हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

असीर :क़ैद , दिल-पिज़ीर :मन भावन
शाद : ख़ुशी, गदा :भिकारी ,
शाह ता वज़ीर :राजा से मंत्री तक
शबे बरात: रमज़ान में रहमत की रात


--नज़ीर अकबराबादी
तंगदस्ती और फिर बच्चों की आँखों में उम्मीद
मुफ़लिसी का इम्तिहान लेने को आजाती है ईद
मेहबूब से पाता है ज़िया ईद का चाँद
आज से पहले तो ऐसा न खिला ईद का चाँद
ईद फिर ईद है ,बस लेके ख़ुशी आती है
बे-बसी की कहाँ सुनता है सदा, ईद का चाँद

तंगदस्ती:तंग हाथ/आभाव , मुफ़लिसी :ग़रीबी
ज़िया:प्रकाश , सदा: आवाज़

-- मुमताज़ अज़ीज़ नाज़ाँ
तुमने तो अपने दिल की अम्मी से कह सुनाई
अब्बा के दिल से पूछो, बिपता किसे सुनाये
बच्चो , तुम्हारी ईदी कैसे बढ़ाई जाए !
--मुज़फ़्फ़र हनफ़ी
हो गए थे ईद की रंगीन सा-अत में जो गुम
ढूंडती हैं अब भी उन बच्चों को माएं,ऐ ख़ुदा
सा-अत: समय, गुम: खोना
-- रईसुद्दीन रईस
हालात 'शहाब' आँख उठाने नहीं देते
बच्चों को मगर ईद मनाने की पड़ी है

--शहाब सफ़दर
ईद के दिन जो तेरी दीद न होगी ऐ दोस्त
ईद तो होगी , मगर ईद न होगी ऐ दोस्त
ईद: त्योव्हार/ ख़ुशी , दीद :दर्शन

--शमीम करहानी
तंगदस्ती और फिर बच्चों की आँखों में उम्मीद
मुफ़लिसी का इम्तिहान लेने को आजाती है ईद
मेहबूब से पाता है ज़िया ईद का चाँद
आज से पहले तो ऐसा न खिला ईद का चाँद
ईद फिर ईद है ,बस लेके ख़ुशी आती है
बे-बसी की कहाँ सुनता है सदा, ईद का चाँद
तंगदस्ती:तंग हाथ/आभाव , मुफ़लिसी :ग़रीबी
ज़िया:प्रकाश , सदा: आवाज़

-- मुमताज़ अज़ीज़ नाज़ाँ
यही दिन अहल-ए-दिल के वास्ते उम्मीद का दिन है
तुम्हारी दीद का दिन है ,हमारी ईद का दिन है
ज़हे क़िस्मत, हिलाल-ए-ईद की सूरत नज़र आई है
जो ये रमज़ान के बीमार, उन सब ने शिफ़ा पायी है
अहल-ए-दिल:दिल वाला /प्रेमी ,दीद:दर्शन ,ईद :ख़ुशी
ज़हे क़िस्मत:ख़ुशक़िस्मत,हिलाल-ए-ईद :ईद का चाँद
शिफ़ा पाना :स्वस्थ होना


-- मजीद लाहोरी

सारा घर खुश था, मगर तेरे बिछड़ जाने से
ईद का दिन भी लगा मुझको मुहर्रम जैसा

मुहर्रम : ग़म का दिन
--हसन काज़मी
कब तलक अर्श से फ़रमान सुनाएगा हिलाल
कभी आँगन में उतर और कभी ईद भी कर

अर्श:आसमान ,हिलाल:पहले दिन का चाँद
--अलीना इतरत रिज़वी
ईद का दिन है आज सनम यूँ न मुझ पर टूट
ईद मना ले, ऐ जानम आज न मुझ से रूठ।
पूरी होगी, ग़म न कर ईद मिलन की आस
पलभर में ही बरसों की ईद बुझाए प्यास।
सनम : महबूबा ,जानम :मेरी जान

--अरशद मीनानगरी
ख़ुशबू से लिख रही थी हवा ईद-मुबारक
फूलों ने खिलखिला कर कहा ईद-मुबारक
जैसे ही मेरा चाँद उधर बाम पे आया
हर सम्त से आई ये सदा, ईद-मुबारक
बाम :छत ,सम्त:ऒर /तरफ़ ,सदा :आवाज़
--तहसीन मुनव्वर
महेक उठी है फ़ज़ा पैरहन की ख़ुश्बू से
चमन दिलों का खिलाने को ईद आई है
फ़ज़ा : माहोल,पै-रहन:लिबास ,वस्त्र
--मो. असदुल्लाह



ईद उल फ़ितर पर विशेष संपादकीय


मीर का ईद के बारें में शेर पर गौर फरमाएँ
ईद आई है बन के दुल्हन दोस्तों,
खिल उठे हैं चमन-दर-चमन दोस्तों।
मिल रहे हैं खुशी से यहाँ सब गले,
... एक होने लगे जान-ओ-तन दोस्तों। 


जी हाँ आज ईद के मौके पर उक्त पंक्तियाँ हमारे दिलो-दिमाग में नई ऊर्जा भर देती है। वैसे दुनिया हर धर्म एक अच्छे इंसान बनने का सबक देता है। एक दूसरे धर्म व इंसान को इज्जत बकशने का पैगाम देता है। पिछले दिनो मुझे निज़ामुद्दीन औलिया अपनी बॉलीवुड स्टार वीना मलिक द्वारा मज़ार पर चद्दर चढ़ाने की वजह से जाना हुआ। वहाँ रोजे के दिनों में मुसलमान भाइयों को मस्जिद में जाकर नमाज व रोजा खोलने की प्रक्रिया को नजदीकयों से देखने का मौका मिला। वहाँ स्थित एक बुक स्टाल से मैंने एक पुस्तक खरीदी जिसमें निम्न पंक्तियाँ मुझे भा गई। वही आपके समक्ष पेश कर रहा हूँ।


तबलीग
मुसलमानो!
तुम आराम और राहत के लिए नहीं पैदा किए गए। तुम इस लिए पैदा किए गए हो कि इस्लाम का बोल बाला करो, अल्लाह से रिश्ता जोड़ो, इंसाफ और सच्चाई को फैलाओ और बुरी बातों को दुनिया से खत्म करो।
मुसलमान होने का यह मकसूद नहीं कि दुनिया में ऐश व आराम मिलेगा, या दौलत या इज्जत मिलेगी। मुसलमान होने का मतलब यह है कि इंसाफ और सच्चाई के रास्ते पर अमल करो, अपनी आखिरत दुरस्त करो। तुम अगर इंसाफ और सच्चाई के रास्ते पर अमल करोगे तो दुनिया की इससत और दौलत भी तुम्हारे कदम चूमेगी मगर पहले सच्चाई के साथ जीना सीखो, इंसाफ के लिए मरना सीखो, अल्लाह के लिए कुर्बान होना सीखो। 


दीन और ईमान की आज़माइश
मुसलमानो!

अल्लाह के प्यारे नबी मुहम्मद रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलेहि व सल्लम की ज़िंदगी से सबक हासिल करो।
दीन के लिए मुसीबतें उठाना सीखो।
ईमान के लिए अजीयतें सहनी सीखो।
सच्चाई के लिए कुर्बान होना सीखो।
सच्चों के लिए मरना सीखो।
अल्लाह के लिए शहीद होना सीखो।

उक्त पंक्तियाँ इस्लाम धर्म के बारें में हज़रत मौलाना हकीम मुहम्मद अखतर साहिब द्वारा रचित
“रसूलुल्लाह अलेहि वसल्लम की सुन्नतें” पुस्तक के पृष्ठ संख्या 48 से ली गई हैं। जिसमें मुसलमियत को बखूबी बयां किया गया है। ना जाने फिर भी हम एक दूसरे के धर्मों में क्यों दोषारोपण करते हैं।

ग्रन्थ चाहें वह किसी धर्म के हों हिंसा की कहीं पर आज्ञा नहीं देते हैं धर्म के तथाकथित ठेकेदारों नें अपनी अपनी धार्मिक दुकानें चलानें के लिए साम दाम दंड भेद इन चारों नीतियों को अपना रखा है और हम उनकी बातों में फसकर अपने उन संतों के आदर्शों को भूलते जा रहें है जो हमें सद्भाव और मैत्री की शिक्षा देते हैं | हम स्वार्थवश यह भी भूलते जा रहे हैं की हमारे पैगम्बर और अवतार हमें जो ज्ञान और शिक्षा देकर गए हैं वह आज भी हमारे सर्व मान्य ग्रंथों में स्वर्णाक्षरों में उचित प्रकार से मौजूद है हम अवतारों और पैगम्बरों के नाम पर आडम्बर तो बहुत करते हैं परन्तु उनके मूल उद्देश्यों से भटकते जा रहें हैं | अगर हम आपस में भाईचारा रखते हुए सबसे प्रेम का व्यवहार रखेंगे तभी सर्वधर्म समभाव् और अहिंसा परमोधर्मः का अर्थ स्पष्ट कर पायेंगे, जो हमारी आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करने में सर्वोत्तम सहायक सिद्ध होगा|

All humans are humans, the only difference is their believing and no one should really bothered by each other. Leave peacefully and let other peacefully.

अल्लामा इक़बाल का यह शेरमजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना,

हिंदी हैं हम वतन है हिन्दोस्ता हमारा ||
अपने आप ही खुद की खुदाई बयां कर देता है।
सभी धार्मिक त्योहार किसी विशेष धर्म की धरोहर नहीं है वे हर उस इंसान का त्योहार जो इंसानियत के बात करे। आओ सभी धर्मों के लोग दिल से गले मिलकर ईद मनाएँ। हिंदुस्तान ही नहीं पूरे जगत को अपना घर समझे और सभी देशवाशियों को अपना सगा व हितैषी समझकर स्वच्छ समाज निर्माण में सहायक साबित हो सकें। तभी इंसानियत की जीत होगी जो सभी धर्मों से बढ़कर है हमें इसका सम्मान करना चाहिए। आपके सुझाव व प्रति क्रियाएँ अपेक्षित हैं। उचित समझे तो जरूर शेयर करें। इससे हमें और अधिक प्रेरणा मिलेगी।

सुरेन्द्र सिंह डोगरा
ssdogra@journalist.com

Photo : Shivam Saxena

Sunday, June 25, 2017

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Address- Durga Flour Mills, Lower Bazar, Solan
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Happy Birthday- Karishma Kapoor


Saturday, June 24, 2017

India is driving nation in science - Says Dr. Harshvardhan


New Delhi, 24 June, Union pastor Harsh Vardhan has praised Indian researchers' commitment to the world's greatest telescope which would empower space experts to watch the complexities of the universe from the solace of the earth. He stated, India is a main nation in science and it is not behind anybody. Pastor was talking in workshop jointly sorted out by Ministry of Science and Technology and Delhi Journalists Associatin in CSIR's Anusandhan Bhawan here on 23 june 2017. on this occassion Manohar singh, Netrapal Sharma, Pramod Saini, president, fortune and general secretary separately and individuals from Delhi Journalists Association and around 200 columnists were available. Vardhan said the site for the telescope - a multi- million dollar extend being created by a global consortium including India- - was all the while being concluded. Hanle in Ladakh was one of the destinations being investigated.

"The destinations would be assessed for specialized and calculated reasonableness," the pastor of Science and Innovation stated, hailing Indian researchers as among the best on the planet.

India's commitment to the Thirty Meter Telescope (TMT) venture would be "more as far as equipment" than cash, he stated, including that India would spend Rs 1,300-crore on it.

The goal-oriented cutting edge TMT is to be worked at an assessed cost of USD 1.47 billion by a worldwide consortium comprising of organizations from India, the United States, Canada, Japan and China.

"India is working together with the US, Japan, and other nations for the world's greatest telescope extend. It's a matter of awesome pride for us that our material would be utilized in it," Vardhan said.

Tending to a social occasion He said development was anticipated that would begin at Mauna Kea, Hawaii, however dissents by local people in that piece of the US had slowed down the venture.

India is a 10 for every penny accomplice in this worldwide venture. On the Indian side, the venture is being taken care of by the Ministry of Science and Technology and the Department of Atomic Energy.

The colossal telescope, planned to be prepared by 2020, will furnish space experts with unparallelled energy to watch the universe.

From the Indian side, the venture would be driven by the Indian Institute of Astrophysics (IIA), Bangalore, with the help of the Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences (ARIES), Nainital, and Inter-University Center for Space science and Astrophysics (IUCAA), Pune.

"I have been to a few logical research facilities and inquire about focuses in the nation and have met beat researchers in the US as well. Yet, I can let you know, our researchers are a score above and not an indent not as much as those individuals," Vardhan said.

At the day-long workshop mutually sorted out by his service and the Delhi Journalists Association, the pastor deplored that reportage on science-related subjects was being elbowed out by "electrifying news things" driven by governmental issues and different issues. In his address, Vardhan emphasized that India was a world pioneer truly in different fields and that Prime Priest Narenda Modi had rested "exceptional confidence" in the capacities of Indian researchers.

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विज्ञान के क्षेत्र में हम 19 नहीं, 21 हैं - हर्षवर्धन


नयी दिल्ली, 23 जून: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज कहा कि भारत विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति के मामले में आजदुनिया के अग्रणी देशों में है और अमेरिका, इंग्लैण्ड, जापान तथा कोरिया सहित 80 से अधिक देशों के साथ सहयोग कर रहा है। उन्होंने यह भीकहा कि मीडिया वैज्ञानिक नवोन्मेष से जन-जन को अवगत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वे आज यहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीमंत्रालय तथा दिल्ली पत्रकार संघ द्वारा ‘वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के प्रसार में मीडिया की भूमिका’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में बोलरहे थे। सीएसआइआर के महानिदेशक डॉ गिरीश साहनी भी इस अवसर पर उपस्थित थे.

डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) देश को विज्ञान के क्षेत्र में ऊंचाइयों पर ले जाने के लिएनिरंतर काम कर रही है और हम विज्ञान के क्षेत्र में 19 नहीं, 21 हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के 1,203 सरकारी अनुसंधान संगठनों में भारत कीसीएसआईआर आज शीर्ष 12वें स्थान पर है। वहीं, दुनिया के कुल 5,147 अनुसंधान संगठनों में से सीएसआईआर शीर्ष 100 संगठनों में शामिलहै और इसका 99वां नंबर है।

मंत्री ने कहा कि भारत की विज्ञान वृद्धि दर कुल अंतरराष्ट्रीय विज्ञान वृद्धि दर के मुकाबले काफी अधिक है। नैनो प्रौद्योगिकी में देश आज तीसरेनंबर पर है। उन्होंने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की उपलब्धियोंको याद करते हुए कहा कि यह भारत ही है जो एक साथ 104 उपग्रह एक साथ कक्षा में स्थापित कर सकता है। डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि देश कीसुनामी चेतावनी प्रणाली एक बेहतरीन प्रणाली है तथा भारत आज अन्य तटवर्ती देशों को भी सुनामी पूर्व चेतावनी जारी करता है। यह देश केवैज्ञानिकों की काबिलियत की वजह से ही संभव हुआ है । उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए छोटे विमान बनाने पर भी कामकर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नवोन्मेष के प्रचार-प्रसार में मीडिया काफी बड़ी भूमिका निभा सकता है और वह निभा भी रहा है।

इस अवसर पर डॉ गिरीश साहनी ने सीएसआईआर द्वारा विज्ञान, प्रोद्योगिकी आदि क्षेत्र में किये जा रहे विभिन्न नवोन्मेशों से मीडिया को अवगत कराया. उन्होंने पीने के पानी को शुद्ध करने वाली चलती-फिरती लैब से लेकर मधुमेह के इलाज में कारगर आयुर्वेदिक दवाइयों तक अनेक अनुसंधानों का जिक्र किया. उन्होंने कहा की सीएसआईआर मानव जीवन के अनेक क्षेत्रों को निकट से प्रभावित कर रहा है.

दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने डॉ हर्ष वर्धन द्वारा १९९४ में शुरू किये गए पल्स पोलियो अभियान का स्मरण करते हुए कहा की उनके इस प्रयास से आज भारत पोलियो मुक्त हो सका है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्रालय भी ऐसे प्रतिमान स्थापित करेगा जिन्हें भारत ही नहीं पूरा विश्व स्मरण रखेगा.

दिल्ली पत्रकार संघ के महासचिव प्रमोद कुमार ने डॉ हर्ष वर्धन को आश्वस्त किया कि उनके मंत्रालय द्वारा किये जा रहे जनोपयोगी अनुसंधानों को जन-जन तक पहुँचाने में दिल्ली पत्रकार के सदस्य पूर्ण मनयोग से सहयोग करेंगे. वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्र ने दिल्ली पत्रकार संघ की गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि राजधानी दिल्ली में कार्यरत लगभग सभी मीडिया संस्थानों में काम करने वाले पत्रकार संगठन के सदस्य हैं और पत्रकारों एवं मीडिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संगठन सदैव मुखर रहा है.

नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स इंडिया के अध्यक्ष रास बिहारी, डॉ नन्दकिशोर त्रिखा, राजेंद्र प्रभु व के.एन. गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे. दिल्ली पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष राकेश आर्य, राकेश थपलियाल, अनुराग पुनेठा, राकेश शुक्ला, कोशाध्यक्ष नेत्रपाल, सचिव मयंक सिंह और संजीव कुमार और कार्यकारिणी सदस्यों सहित 250 से अधिक पत्रकार इस अवसर पर उपस्थित थे.

Dalhousie a paradise on earth


(S.S.DOGRA)

Recently, I have visited the most beautiful part of Himachal Pradesh i.e. Chamba District. Chamba valley is known for its scenic attractions, sparkling streams, lakes, meadows and luch deodar forests. Crowned with high mountain ranges, Its has rich in wildlife and animals like the elusive snow leopard, ibex, brown bear, and musk deer. Dalhousie is also very famous hill station of Chamba district.

It spread out over five hills like Kathlog, Potreys, Tehra, Bakrota & Balun. Its named after the 19th century British Governor General Lord Dalhousie. The town’s varying altitude Shades it with a variety of vegetation that includes stately grooves of pines, deodars, oaks and flowering rhododendrons. According to Father Pervez Egbert (Who is presently look after the church) St.John’s Church at Gandhi Chowk is the oldest church in Dalhousie established in 1863. Gandhi Chowk & Subhash Chowk are destination for the local transportation. Karenalu is the major & natural water source for entire Dalhousie & surrounding areas. Tourist Information Officer Mr. Surjeet Singh Thakur (who is with Himachal Tourism for the last 22 years) presently located at Dalhousie office says that May & June are best month but tourist come regularly and in December Tourist love to see the snowfall in the valley. Hotel Mani Mahesh & Geetanjli Hotel are quite famous in the town. Mr. Anil Mehta-Secretary of Dalhousie Club says that tourist love to visit this hill station throughout the year.

Dalhousie Public School, Sacred heart School, Guru Nanak public School & Hill Top School are quite famous schools of Dalhousie where local and other states children study.

The following are the major attractive spots of Dalhousie for the tourists:
Panjpulla-It is nearly 2 KM away from the town where a statue of freedom fighter/social activist Sardar Ajit Singh (Real uncle of Shaheed Bhagat Singh) is located. And a water fall & boating are the major attraction for the tourist.

Kalatop-It is 2440 meter above the sea level & around 8 KM away from the town and even has a good opportunity for the trekker to walk through the dense forest to reach Kalatope. According to Mr.Man Singh (who is caretaker of the Tourist Rest House at Kalatope) we have a provision for the stay here but it needs special permission from Chamba office to avail the facility. I also enjoyed the trek to Kalatope along with A grade officers of Education Department of Haryana Government.

Rock Garden-Himachal Tourism tried to develop a picnic spot here but presently its not properly maintained and the spot is being used as vehicle parking.

Khajjiar-It is really the most beautiful place of entire Himachal Pradesh. Its known as Mini Switzerland. It is 1960 meter above the sea level and only 22 KM away from Dalhousie by road.

A picturesque spot with an emerald saucer shaped meadow amidst a dense forest which even has a lake with floating island at its center & a golf course. According to Kishan Chand Rana Operator of Zorbing Rolling ball “ we charge Rs.300 for two person for single ride in the ball in the open ground surrounded by the beautiful trees. Horse riding is quite popular among the tourists in Khajjiar. It has almost 3KM radius around the spot.

How to reach Dalhousie
It is 555 KM away from Delhi by road. Pathankot is the Nearest Railway Station & Dalhousie is 85KM away by road.

Think Global- Act Local


Commander VK Jaitly 

This phrase is attributed to different people by different organizations and its first use goes back to a bit more than 100 years. Wikipedia gives good amount of information. Post 2nd World War, the business opportunities opened up at a very fast pace and a large number of global companies started spreading their wings beyond the boundaries of their countries. Some of them based their strategy on the funda of ‘Think Globally and Act Locally’ and the term has been further shortened to ‘Glocalization’ in the recent past.

Some companies even have been exploiting the third world countries and selling them sub-standard products bypassing the loose legal framework of those nations. India and many other third world countries continue to sell a small number of medicines that have been banned in many advanced countries due to their negative side effects. But majority of the global pharmaceutical companies are interested about their profits only. They think globally to expand their business and act locally to exploit the local population. This is totally against the spirit of ‘Think Global:Act Local’. 

What some of the westerners started thinking during last one hundred years or so, our Indian sages advocated a few thousands of years back when they said, “वसुधैव कु टुम्भकम” that means “The whole world is One Family.” What was their motive when they chanted: 


This can be translated as:

Om, May All become Happy,
May All be Healthy and away from Illness,
May All See what is Auspicious,
May no one Suffer in any way.
Om Peace, Peace, Peace.
(Let their be peace everywhere) 


This was their true global thinking. And obviously they always acted locally. Look at the hundreds of temples made in India in the ancient times. Their architecture was suited to the local climate and the stones they used were normally from the nearby areas. Even the designs of the huts of the common man were based upon the weather of that particular area. The food habits of the people in different areas were different depending upon what was locally available in that area and was suited for the climate of that area. 

Some of the top global companies also follow this glocalization very religiously. McDonald’s strategy is to listen to local consumers and then act on it. Some of its local favorites around the world include the McItaly burger in Italy, Maharaja Mac in India, the McLobster in Canada and the Ebi Filit-O in Japan. Starbucks in India at most places will have no beef or pork considered taboo by many Indians. The Indian menu has local favorite Chai Tea Latte and baked goods like Konkani Twist or Chatpata Paratha Wrap to adapt its offerings to local vegetarian tastes. There are even separate ovens and counters for vegetarian and non-vegetarian offerings. 

The moment we say: Think Global, it also means ‘Let noble thoughts come from all sides’ and let us be ready to learn from others. Let us give up the rigid attitude of ‘My path alone is The Correct One’ and all others are wrong. This alone is the cause of all the turmoil world has been facing for last few decades. This is also the cause of terrorism across the world. We should definitely have the freedom to customise the good and noble global thoughts to our local conditions before we adopt them.

Unfortunately, we become selfish and narrow minded while adopting something good from others. India continues to struggle with the problem of dirty roads and lanes, rivers filled with filth, parks with strewn around litter and open defecation still seen at some places. I sincerely hope for the success of ‘Swachh Bharat’ campaign. Why can’t we learn from other developed countries about their very high standards of cleanliness and traffic discipline?

The world today is fast moving towards extinction as per some environment experts. Our glaciers are receding and water level in the oceans is gradually rising. We are facing global warming and that has given rise to increased incidences of cyclones, floods and untimely heavy rains. All this has happened due to extreme levels of exploitation of the resources of earth by some developing countries. They were acting locally for their own good and greed without thinking globally. So the solution to most of our problems lies in ‘Think Global, Act Local’.

Friday, June 23, 2017

FTII-Pune imparting Film Education in Delhi


New Delhi: 23rd June, 2017. There is an uplifting news for the trying movie producers since Film And Television Institute of India (FTII) has begun Film Appreciation Course in Siri Fort Auditorium. After the achievement of first cluster in May the second clump of four days film making course Film Appreciation Course begun from 23rd itself. In the inaugural discourse Mr. Bhupendra Kainthola-Director, FTII-Pune energetically uncovered that there are one hundred thirty six members from 19 states have come to take in the film dialect course. He even valued that the members are from Engineering, restorative, media and news coverage foundation. Mr. Kainthola additionally included that FTII looking new goal and they would soon beginning their Film Making course in Jaipur, Guhati and Srinagar as well. 
Bhupendra Kainthola, Munish Bhardwaj & Umesh Aggrawal

In the principal session of the main day of the said workshop, Mr. Pankaj Saxena and Munish Bhardwaj-famous film executive educated and examined vital subjects like pre and after creation of film making. Mr. Saxena has more than three decades involvement in Film and Television generation, strikingly they both are the graduated class of FTII. 

Honor winning French film-Happy Anniversary which was made 1962 screened and after the screening the members were gotten some information about the film. In the closing piece of the very first moment, Jai Ho film (in view of A.R.Rehman) delivered by PSBT and Directed by Mr.Umesh Aggrawal was additionally screened. After the film, Mr. Aggrawal shared his encounters and difficulties while making the film on Oscar winning Music Director Rehman.

Fun N Food Village – Enjoy at Famous Adventure Park in Delhi


Dwarka Parichay feature desk

Fun N Food Village is a standout amongst the most renowned enterprise stops in Delhi, incredibly intended for no particular reason. The recreation center is furnished with superb offices. Previous President of India, Giant Zail Singh in the year 1993, inaugrated the recreation center.

Mr. Mahender Sharma-PRO informed Dwarka Parichay thar the event congregation has 21 rides in all including Tora, Rock n Roll, Polo Trooper, Snow Blasher, Water Merry, Magic Carpet, King Wheel, Disco Disco, Polo Train, Air King, Haunted House, Space Journey, Bumper Boat, Sun & Moon and Eagle Ride. Each ride is energizing and composed in an unexpected way. The Magic Carpet is a standout amongst the most possessed rides in the recreation center. For kids, there is a child's water play zone. Individuals appreciate the rain move, which is a unique fascination amid the late spring. 

The water stop is an extraordinary fascination particularly in the winters. A portion of the prominent rides incorporate Aqua Shute, Speed Coaster, Rain Dance pool, Tornado SlideInteractive Play Area and Float Slide. Yet, that is not all. Jacuzzis, sauna, steam shower and home grown back rubs are likewise accessible. The recreation center likewise has an indoor shopping center from where you can purchase keepsakes to reclaim home. 

Fun n Food is without a doubt, the best event congregation in Delhi for all. The nourishment court in Fun N Food Village is astounding as well. It offers an assortment of sustenance and beverages cooking for all tastes and spending plans. The place gives more beneficial choices where visitors can appreciate great sustenance. The whole set up of the recreation center is vivacious and lively. The recreation center has one of the best water stops in Delhi. It brags of the longest water slide in India and the quickest water slide in Asia. 

मंसूरी यानि प्राकृतिक सौन्दर्य का अदभुत नज़ारा

Ariel view of Mussorrie

एस. एस. डोगरा 

उत्तराखण्ड को भारत का स्विट्ज़रलैंड माना जाता है। हरे-भरे वृक्ष, ऊंची-ऊंची पहाड़ियाँ, झील-झरने, प्राकृतिक सौन्दर्य का अदभूत नज़ारा देखने को मिलता है पहाड़ों की रानी मंसूरी में। भारत की राजधानी दिल्ली से मात्र 290 किलोमीटर दूर तथा समुन्द्रतल से 2003 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बेहद लोकप्रिय पर्यटक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है मंसूरी। प्राकृतिक सौन्दर्य के दीवाने गर्मियों में ठण्डक लेने के लिए तथा सर्दियों में बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर लुत्फ उठाने, मंसूरी, अक्सर घूमने चले आते हैं। उत्तराखण्ड की राजधानी देहारादून से केवल 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंसूरी में अनेक दर्शनीय स्थल है। इन दर्शनीय स्थलों को देखने के लिए स्थानीय बसों तथा निजी वाहनों की मदद से देखा जा सकता है। वैसे मंसूरी शहर में, स्थानीयबस सेवाओं हेतु लायब्रेरी बस स्टैंड, मैसोनिक लोजे तथा टिहरी बस स्टैंड से विभिन्न पर्यटक स्थल तक पहुँचने में सहायक साबित होते हैं। हालांकि इन निजी टैक्सी का भाड़ा थोड़ा अधिक खर्चीला पड़ता है। परन्तु अधिकांश रूप से निजी टैक्सी से अधिकाधिक दर्शनीय स्थल देखने में सुगमता रहती है।
Mussorrie Lake

हिमालयन श्रंखलाओं में स्थित पहाड़ों की रानी को चरितार्थ करने में मंसूरी का कोई मुक़ाबला नहीं है। हरियाली, विशाल पर्वत श्रंखलाओं, घाटियों, सुन्दर फूलों से सुसज्जित मंसूरी में अनेक दर्शनीय स्थल हैं जिनहे देखने के लिए वर्ष भर पर्यटकों का आवागमन चलता ही रहता है। मंसूरी में सबसे अधिक लोकप्रिय कैंपटी फॉल है जो मंसूरी से यमनोत्री रोड पर मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर निरन्तर बहता हुआ जीवन को जाँबाज तरीके से जीने का संदेश देता है। यह समुन्द्रतल से 4500 फीट ऊंचाई पर है तथा विशाल पर्वतों से घिरा हुआ यह झरना सभी उम्र वर्ग के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गर्मियों के मौसम में, पर्यटक गर्मी से राहत पाने के लिए गगनचुंबी बहने वाली शीतल धाराओं के नीचे नहाकर आनन्द लेते हैं। यहाँ गढ़वाल विकास निगम मण्डल द्वारा स्थापित विश्राम गृह में महिलाओं - पुरुषों को अपना कीमती सामान सुरक्षित रखने तथा कपड़े आदि बदलने की सुविधा है। इसी के पास कैंपटी झील भी है जहां बोटिंग का आनन्द भी लिया जा सकता है।

मंसूरी में पर्यटकों के लिए काफी चर्चित नाम है गन हिल। गन हिल से हिमालय पर्वत श्रंखलाओं विशेष रूप से बंदपंच, श्रीकान्थ,पिथवाड़ा, गंगोत्री के अलावा मंसूरी तथा दून घाटी के दुर्लभ तथा अत्यंत मनोरम दृश्यों को देखा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इसका नाम भी एक रोचक तथ्य है वास्तव में, भारतवर्ष में आजादी से पहले, इसी पहाड़ी पर ठीक दोपहर के समय एक तोप से गोला दागा जाता था ताकि लोग अपनी-अपनी घड़ियाँ समय जाँच कर ठीक कर सकें। इसलिए बाद में इसका नाम गन हिल पड़ गया। गन हिल पर पहुँचने के लिए पैदल रास्ता भी है तथा पर्यटक कार्यालय के पास ट्रालियाँ रोपवे के माध्यम से एकदम तिरछी ऊंचाई तथा माल रोड से 400 मीटर के रास्ते को रोमांचक सवारी से पहुंच जा सकता है जहां से दूर दूर तक फैली अपार प्राकृतिक सौन्दर्यता का नजारा लिया जा सकता है। यदि मंसूरी जाने का मौका मिले तो कम्पनी बाग भी अवशय जाना चाहिए क्योंकि यहाँ सुन्दर हरे भरे व्रक्षों के अलावा फूलों की महक अनायास ही पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करने की क्षमता रखता है।
Ropeway Trolly to Gun Hill - Kampty Fall

भट्टा फ़ाल: भट्टा फ़ाल भी जल्द ही पिकनिक स्थल के रूप में विकसित हो गया है। यह मंसूरी-देहारादून रोड पर, मंसूरी से लगभग आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और पर्यटकों को लुभाने में किसी से कम नहीं है। यहाँ मंसूरी उत्तरांचल जल,गलोगी जल विधयुत गृह सयन्त्र 1907 में स्थापित किया गया था। इस पिकनिक स्थल पर पर्यटक ठंडे पानी में स्नान आदि कर गर्मी से राहत मिलती है साथ में थकावट भी दूर हो जाती है। पर्वतों के बीच से इस झरने का नजारा भी दर्शनीय है। सूत्रों से पता चला कि इसका नाम इसके पास स्थित गाँव भट्टा गाँव पर ही पड़ा है जहां वर्षों पहले भट्टे लगे थे। इस पर्यटक स्थल तक पहुँचने के लिए निजी वाहन अथवा पैदल जाया जाता है। इस स्थल को विकसित करने की सख्त जरूरत है। भट्टा फ़ाल के आस-पास सुन्दर पार्क तथा विश्राम हेतु अच्छा इंतजाम है तथा पेट की भूख मिटाने के लिए रेस्तरां तथा कोल्ड ड्रिंक आदि उपलब्ध हैं।
Parks at Dhanolti - Youth Hostel

यूथ हॉस्टल: मंसूरी देहारादून रोड पर मंसूरी से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यूथ हॉस्टल बना है। यहाँ के वार्डन डी.एस. रावत का दावा है कि पर्यटक को घर जैसे माहौल में रहना तथा खाना और वह भी न्यूनतम दामों पर आसानी से उपलब्ध है। रावत के अनुसार युवा आवास, यूथ हॉस्टल्स असोशिएशन ऑफ इंडिया की शाखा है तथा युवा मामले एवं खेल मन्त्राल्य, भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है। पूरे विश्व भर में 60 राष्ट्रों में 5000 यूथ होस्टल्स बने हुए हैं जिनका उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा व स्वच्छ बनाना है। मंसूरी स्थित यूथ हॉस्टल में चार डबल बेड रूम (शौच सहित) तथा 6 व 8 बिस्तर की डोरमेट्री हैं जहां स्त्री व पुरुष को अलग-अलग ठहरने की व्यवस्था है। दूरभाष, टी.वी., साइबर कैफे, समाचार पत्र,ठंडे व गर्म पानी जैसी अनेक सुविधायों का आनन्द उठा सकते हैं। रावत जी ने अनुसशित  माहौल पैदा करके तथा आवास की अनौखी पहचान बनाने में खूब मेहनत की है। यहाँ पर कोंफ्रेंस आदि आयोजन के लिए लगभग 100 व्यक्तियों की क्षमता वाला सभागार भी बना हुआ है।

मंसूरी झील: यूथ हॉस्टल से ठीक एक किलोमीटर की दूरी पर मंसूरी झील बनी है। जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बिन्दु है। यहाँ वर्ष भर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। यहाँ झील में नौका विहार के लिए नवविवाहित जोड़े, वृद्ध, युवा व बच्चे पास बने पार्क की सैर करना नहीं भूलते हैं। इस झील में अठखेलियाँ करती बतख़ें अपनी अदाओं से पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने में अहम भूमिका अदा कर रही हैं। कुल्फी, कोल्ड ड्रिंक, चायूमीन, छोला भटूरा, भोजन आदि हेतु व्यवस्था है। इसी झील के पास पारा गलाईडिन्ग के माध्यम से खुले आकाश में पक्षी की भांति उड़ने का भरपूर मौका मिलता है। यहीं पर, कुछ अन्य एडवेंचर गतिविधियां को करने का भी पुख्ता इंतजाम है।

सर जार्ज एवरेस्ट हाउस: सर जार्ज एवरेस्ट हाउस मंसूरी से कुछेक दूरी पर स्थित है। सर एवरेस्ट, भारत के पहले महा पर्यवेक्षक थे। यहीं पर उन्होने अपना घर तथा कार्यालय बनाया, हालांकि अब यह इमारत जर्जर हालत में है लेकिन पर्यटक आज भी इसे बड़े चाव से देखने आते हैं। गौरतलब है कि विश्व की सबसे ऊंची 8848 मीटर ऊंचाई पर स्थित पर्वत चोटी का नाम भी सर जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर ही पड़ा है।

धनोल्टी: मंसूरी से टिहरी रोड की तरफ, मंसूरी से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मनोरम स्थल धनोल्टी की अनुपम छटा देखकर प्रकर्ति के चहेते  इस रमणीक स्थल को जरूर देखने आते हैं। यह पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र जहां देवदार के बड़े-बड़े वृक्ष तथा ऊंची-ऊंची पहाडों से प्रकर्तिक सौन्दर्य देखते ही बनता है। यहाँ दो सुन्दर पार्क भी पर्यटकों को अपनी तरफ खीचने में बेहद लोकप्रिय हैं। वैसे यहाँ पर गढ़वाल विकास निगम मण्डल का पर्यटक विश्राम गृह भी बना हुआ है तथा कुछेक होटल भी बने हैं। इस सुन्दर पर्यटक स्थल पर भी वर्ष भर पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। यदि आप भी मंसूरी घूमने जाएँ तो धनोल्टी भी अवशय घूम कर आयें।

प्राचीनतम पुस्तकालय:
मंसूरी पुस्तकालय विश्व के प्राचीनतम पुस्तकालय में शुमार रखता है। इसकी स्थापना 1843 में हुई। सूत्रों के मुताबिक इसकी नींव दून के सुपरिंटेंडेंट वंसिहार्ट ने रखी। हालांकि इस जमीन के मालिक स्कॉट व पिट थे जिन्होने मेजर स्वेटेंहन को बेच दियाथा। पुस्तकालय में कार्यरत सुश्री रजनी भट्ट ने अहम जानकारी देते हुए बताया कि आज इस विश्व विख्यात पुस्तकालय में उपन्यास, जीवनी, आत्मकथा, यात्रा वृतांत आदि विषयों पर लगभग 14,000 पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके अलावा यहाँ पर 10-12 दैनिक समाचार पत्र व पत्रिकाएँ भी पढ़ने के लिए उपलब्ध हैं। आज इस पुस्तकालय के करीब 80 सदस्य हैं। जबकि 10 आजीवन सदस्य हैं इनमें मशहूर लेखक रस्किन बॉण्ड भी शामिल हैं। बॉण्ड समय-समय पर पुस्तकालय में आते-रहते हैं।

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड के देहारादून स्थित कार्यालय में कार्यरत, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी-योगेन्द्र गंगवार के अनुसार वैसे तो वर्ष भर, परन्तु मई-जून तथा दिसम्बर-जनवरी के महीनों में पर्यटकों की टोलियाँ मंसूरी में घूमना अधिक पसन्द करती हैं। मंसूरी में, केंप्टी फॉल, गन हिल, मंसूरी झील, भट्टा फॉल, कम्पनी बाग, माल रोड, जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट आदि विशेष आकर्षक एवं लोकप्रिय पर्यटक स्थल हैं।

जाने का रास्ता:
सड़क द्वारा: दिल्ली से मंसूरी (बस/जीप/कार)
रेल द्वारा: दिल्ली से देहारादून तक
हवाई मार्ग: दिल्ली से जौली ग्रांट, हवाई अड्डा, देहारादून तक

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड
देहारादून
फोन: 0135-2559898, 2559987
ईमेल:dd-tourism-ua@nic.in
वेब साइट:www.uttarakhandtourism.gov.in

Happy Birthday- Raj Babbar


Wednesday, June 21, 2017

International Yoga Day was celebrated


International Yoga Day was celebrated on 21st June, 2017 in the Shiksha Bharati Public School premises to bring peace harmony, happiness and success to every soul in the world. This was a great opportunity to imbibe the value of discipline. Yoga is a mental, physical and spiritual practice that needs to be carried every day. All the teachers and other well-wishers of the school participated in the celebration and got the chance to know how yoga embodies unity of mind and body.

The Yoga Class was started at 07:30 in the morning and lasted at 09:30 am in the leadership of Shri Shradhanand ji a veteran yoga expert from Bhartiya Yog Sansthan. Principal of the school extended her heartfelt thanks to Sh. Shradhanand Ji on behalf of the students, staff and management of the school for giving his valuable time and expertise to the participants of the celebration

Enhance Beauty With Yoga



Shahnaz Husain

INTERNATIONAL YOGA DAY ON JUNE 21

Almost 5,000 year old well-known ancient practices of Yoga can greatly aid in lifelong pursuit of beauty .Every one wants a glowing radiant skin and people inevitably start discussing about their trusted range of cosmetic products such as cleansers, moisturisers, and facial masks, but they really do not need harsh chemical or expensive beauty treatments to achieve this . Those who regularly practice yoga can add a permanent glow to their faces .Yoga also helps to attain ideal body weight and gives a proportionate body by removing excess weight and unwanted fat from all body organs.Yoga improves blood circulation and helps to remove toxins from the body which helps to look more youthful , radiant and beautiful naturally .

Yoga is one of the well-known ancient practices for good health, and the oldest philosophies of Ayurveda owing to its holistic approach to healing and wellness aspects

You do not have to be born beautiful. You can acquire it. I have always said that good health and beauty are two sides of the same coin. Unless you are healthy from the inside, you cannot reflect true beauty. I believe that yoga is very relevant to our modern lifestyle, in terms of both health and beauty.

One of the asanas that is necessary for beautiful skin and hair is Pranayam, as it helps to reduce stress, increase oxygenation and improve blood circulation. Pranayama is one of the best exercises of correct breathing. Devoting a few minutes everyday allows us the means of natural cleansing of the system. These exercises are now being followed worldwide. Close one nostril with the fingers. Then breathe in through the other nostril. The air should be inhaled in short sniffs. Then close the second nostril and breathe out. Breathe in again through the other nostril and breathe out the same way. Alternate it up to ten times. This not only purifies the blood stream, but cleansers the entire filtering system.


Yoga improves blood circulation, including the circulation of blood to the skin surface. This is so important for the good health of the skin, as it helps to supply essential nutrients to the skin. It also promotes the removal of toxins through the skin. It tones the skin, improves oxygenation to the skin, imparts a beautiful glow and keeps the skin youthful and free from problems. The same goes for the hair. Yoga helps to promote blood circulation and oxygenation to the scalp and hair follicles. This helps to supply nutrients in the blood stream to the hair follicles. It promotes hair growth and keeps the scalp healthy.

When we talk of beauty, we do not talk only about the beauty of the face. It also includes the figure - with suppleness, good posture and grace. A slim figure can take years off and make you look well groomed. Many beauty problems are triggered off by stress. Since yoga helps to induce relaxation and reduce stress, it helps in dealing with stress-related conditions like acne, hair loss, dandruff, etc. Studies conducted on those who practice yoga have shown that positive changes also occur in the personality, in attitudes, emotional stability and self-confidence. It has a direct effect on the mind, emotions and mood. In fact, Yoga is a regular stress-buster and puts the glow back on you skin. Feeling good will make you look good too!

As we all know, Yoga deals with physical exercises, called “Asanas,” which entails the assuming of well defined poses, with precise results. Yoga helps in dealing with beauty problems that are triggered by stress, like acne. Asanas for acne help to reduce stress and also keep the system flushed, getting rid of toxins and wastes. The asanas that help acne are Uttanasana – This is a standing and forward bending pose, in which the body is fully bent, with hands holding the ankles. Kapalbhati – a breathing exercise, is also said to help an acne condition. In this, the exhaling of breath is done with a little force. It is said to help remove carbon dioxide and thus purify the blood. This also helps to decongest the system.

Dhanurasana – This posture resembles a bow. It is excellent for removing toxins and flushing the system. It also promotes blood circulation and reduces stress. It benefits the skin, making it clear and adding a glow. Therefore, it can help to control an acne condition.

Protecting youthful properties:

The regular practice of yoga helps to preserve the youthful properties of the skin and body. It keeps the spine and joints flexible and this goes a long way in keeping the body supple and youthful. There are numerous other benefits. The posture improves and so does grace of movement. It also helps to reduce weight. Muscles are toned and blood circulation improves. Yoga also helps to relieve fatigue and allow recuperation of energy. It has powerful rejuvenating and revitalizing benefits. Surya Namaskar is ideal, as it exercises the entire body and has a rejuvenating effect on both body and mind. It is a set of 12 poses or “asanas,” in a particular sequence, accompanied by controlled breathing. It helps the organ systems to stay healthy, apart from keeping the body youthful and the mind calm. It is ideal for delaying the visible signs of ageing on both body and face.

For wrinkle-free skin, try this yoga “asana” along with Pranayama. Stand straight and place feet and legs wide apart. Cover face with palms and breathe deeply and quickly for 10 counts. Then while continuing breathing, rub the face with the fingers, starting from chin and going to the forehead. Include the area around eyes. This helps to make the skin smooth, firm and radiant.

The 12 poses of Surya Namaskar also help to control excessive sweating. Surya Namaskar induces relaxation and reduces anxiety, which is sometimes associated with excessive sweating. Calming both body and mind also help the problem.

The author is international fame beauty expert and is called Herbal beauty queen of India

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