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Sunday, July 31, 2016

फिल्म ‘फीमेल एक्सप्रेस’ में दमदार रोल है,मेरा:राखी अरोड़ा

चंदन शर्मा

बालीवुड अभिनेत्री राखी अरोड़ा की किस्मत चमकी और इस सप्ताह उनकी फिल्म ‘फीमेल एक्सप्रेस’ रीलिज हुई। फिल्म को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है, फिल्म में राखी बिल्कुल अलग अवतार में नजर आ रही हैं। इस फिल्म के अलावा वह एक अन्य फिल्म-’लव लव प्यार’ भी कर रही हैं। इस मुकाम तक पहंुचने के लिए राखी को लंबा सफर करना पडा। उन्होंने करियर की शुरूआत रंगमंच से की। कुछ विज्ञापनों में माॅडलिंग भी की। बालविवाह पर निर्मित एक फिल्म मैं उनके काम की सराहना भी हुई,लेकिन एक अलग पहचान मिली वीनस म्युजिक के अलबम विडियों ‘जवानी मेरी बिजली’ और ‘लहरियां’ से ।
फीमेल एक्सप्रेस हास्य प्रधान फिल्म है,जिसके निर्माता मिर्जा असलम व निर्देशक रामगोपाल विमल है। फिल्म ‘फीमेल एक्सप्रेस’ में किये अभिनय को लेकर क्या सोचती हैं,राखी जानते है,उनकी ही जुबानी।

‘फीमेल एक्सप्रेस’ फिल्म के नये अवतार के बारे में क्या कहना है?
ऐसा मैंने कभी नहीं सोचा कि मुझे इस फिल्म से अपनी इमेज चेंज कर ग्लैमरस होना है या डीग्लैम होना है। मुझे बस एक अच्छे और अलग से किरदार की तलाश थी, वह इस फिल्म के किरदार अंजली मेहरा में दिखाई दिया इसीलिये मैंने यह फिल्म करने का फैसला किया। ‘फीमेल एक्सप्रेस’ की लड़की बहुत बोल्ड है। मुझे लगा कि इसे करने में मजा आने वाला है इसीलिये मैंने यह भूमिका की। वाकई मेरे लिये काफी चुनौतीपूर्ण रही।

किस तरह का किरदार है अंजली मेहरा ?
अंजली मेहरा एक हाई सोसाइटी गर्ल है, जिसे सिर्फ जीतना पसंद है। उसके पास भरपूर पैसा है। वह इस कदर सनकी है कि उसे ना सुनना जरा भी पसंद नहीं। लेकिन आप अंजली मेहरा को परदे पर देखेंगे तो ज्यादा समझ में आएगा कि वह क्या बला है।

अंजली मेहरा वास्तविक जीवन में राखी के विपरीत है तो अंजली मेहरा बनने के लिये उसे क्या कुछ करना पड़ा? 
शुरू में जब डारेक्टर रामगोपाल विमल सर ने मुझे इस रोल के बारे में बताया तो मैं शॉक्ड थी कि क्या ऐसी लड़कियां भी होती हैं। इस पर उनका कहना था कि बिल्कुल होती हैं। बाद में मैं कुछ पार्टीयों में गई वहां मैंने कुछ वैसी लड़कियों को गौर से देखा, उनकी ड्रेसेस देखी, उनका एटीट्यूट नोट किया। सबसे बड़ी बात की उनकी चाल में जो एक कांफिडेंस था उसने मुझे बहुत इंप्रेस किया। बाद मैं मैंने अपने आपको उसी तरह से बदलने की कोशिश की उस एटिट्यूड को फॉलो करने की प्रैक्टिस की।

निर्माता मिर्जा असलम व निर्देशक रामगोपाल विमल से आपकी टयूनिंग कैसी रहीं ?
दोनों ही सुलझे व सहयोग करने वाले इंसान है। फिल्म के सेट पर वे कलाकारों का मनोबल बढाते रहे है।

कहा जाता है अक्सर फिल्म को प्रमोशन करने के मकसद से कुछ अफवाहें हीरो हीरोईन के संबधों को लेकर उडाई जाती है,ताकि फिल्म गर्म रहे ?
हमारे बीच ऐसा कुछ क्यों नहीं हुआ, क्योंकि मैं और राहुल दोनों बहुत सिक्योर हैं। दरअसल हम दोनों यही भावना लेकर काम कर रहे थे कि हम कुछ अच्छा करें जिससे हमें आगे और अच्छा काम करने के लिये मिले। वैसे आज की जनरेशन में यह सब चीजें सोचना बेवकूफी समझा जाता है।

फिल्म ‘फीमेल एक्सप्रेस और फिल्म ‘लव लव प्यार’ के बीच काफी गैप रहा। वजह?
दोनों फिल्मों के बीच डेढ साल का गैप रहा। उसमें एक साल तो इसी फिल्म को कंम्पलीट होने में लग गया। बाकी ‘फीमेल एक्सप्रेस के बाद मुझे चार पांच फिल्म ऑफर हुई थीं। फिल्म‘‘लव लव प्यार’ की शूटिंग सितम्बर में शुरू होगी उसमें माजिद जी हीरो है ।

महात्मा यमराज और नचिकेता संवाद का रहस्य (कठोपनिषद् के आधार पर)

मधुरिता  

(प्रस्तुत संदर्भ में मानव जीवन के गुह्यतम् रहस्यों के बारे में विवेचना हुई है। अतः सभी से अनुरोध है कि इसका बार-बार मनन, चिंतन एवं स्मरण करें तभी परमात्मा इस रहस्य को प्रकाशित करेंगे। )

महात्मा यमराज एवं महर्षि नचिकेता
मनुष्य शरीर और इन्द्रियां विनाशवान हैं और आत्मा जो परमात्मा का ही अंश है वह अविनाशी, पूर्ण सच्चिदानन्द, इन इन्द्रियों से परे है । इन मन, बुद्धि, चित्त और अहंकार से भी परे । तो फिर ये साधना, ये शास्त्र पुराण, ये विभिन्न धर्म आदि किस लिये? आखिर परमात्मा को पाने के लिए कौन से मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार आदि की आवश्यकता है और वे चीजें कैसे प्राप्त हो सकती हैं? किस तरह की साधना चाहिए तथा हमें किस तरह की उपलब्धि प्राप्त होती है इससे ? आत्मा, परमात्मा, प्रकृति आदि क्या हैं? जिनके बारे में चार वेद, अठारह पुराण, छः शास्त्र, उपनिषद आदि ग्रन्थ भरे पड़े हैं, सदियों से ऋषि -महर्षि , महात्मा, भक्त आदि आ-आकर किस परमात्मा की, किस आत्मा की बातें बतातें हैं? उन्होंने इसे कैसे पाया? इस पर चिंतन करने की आवश्यकता है । इस सन्दर्भ में कृष्ण-यजुर्वेद की कठ शाखा के अन्तर्गत कठोपनिषद का विवेचन अधिक उपयुक्त होगा जिसमें नचिकेता तथा मृत्यु के देवता यमराज का वार्तालाप है । इन प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर या तो महात्मा यमराज या स्वयं भगवान ही दे सकते हैं । साथ ही ब्रह्मज्ञानि ऋषि भी।

इन सब प्रश्नों का उत्तर जानने से पहले हमें जीवात्मा, परमात्मा तथा माया के बारे में जानने की आवश्यकता है क्योंकि वेदान्त अर्थात् हमारे उपनिषदों में हमारे ऋषियों-मुनियों ने इन शब्दों का बार-बार प्रयोग किया है ।

परमात्मा :
परमात्मा आनन्दमय है, नित्य, अनादि, असीम है । यह सर्वशक्तिमान, सर्वस्वरूप, सबके परम कारण तथा सर्वान्तर्यामी है । सांसारिक विषयों को ग्रहण करने वाली इन्द्रियों की वहां पहुंच नही हैं ।

जीवात्मा : जीवात्मा या आत्मा भी अनादि है । यह परमात्मा का ही अंश है परंतु है - ससीम अर्थात् जिसकी सीमा हो । यह सान्त है । यह भी नित्य है क्योंकि सत्स्वरूप है । यह शरीर से अलग है क्योंकि शरीर नश्वर है, अनित्य है और विनाशवान है । फिर भी लोग इन दोनों को एक मानते हैं । इससे बढ़कर अज्ञान और किसे कहा जाय ?

परमात्मा तथा जीवात्मा का सम्बन्ध
पानी और बुलबुला

परमात्मा तथा जीवात्मा के बीच के संबंधो को भगवान् श्रीरामकृष्ण परमहंस जी ने इस प्रकार प्रकाशित किया है - ‘‘पानी और बुलबुला वस्तुतः एक ही हैं । बुलबुला पानी में ही उत्पन्न होता है, पानी में ही रहता है और अंत में पानी में ही समा जाता है । उसी प्रकार जीवात्मा और परमात्मा वस्तुतः एक ही है । उनमें अंतर केवल उपाधि के तारतम्य का है - एक सान्त-सीमित है तो दूसरा अनन्त-असीम, एक आश्रित है तो दूसरा स्वतंत्र ।’’ यह अविद्या के ही कारण है कि हमें आत्मा ससीम प्रतीत होता है । अविद्या के नष्ट हो जाने पर आत्मा जो नितान्त अभेद है परमात्मा से, अपने स्वरूप को अपने आप ही प्रकट कर देता है अर्थात् वह भी परमात्मा ही हो जाता है ।

माया : जीवात्मा को परमात्मा से मिलने में जो बाधा डालता है वही माया अर्थात् प्रकृति है - सांख्य योग में इन तत्त्वों की गणना अर्थात् संख्या बताई गई है अतः इन्हें सांख्य योग कहा गया है । इसमें 5 ज्ञानेन्द्रिय, 5 कर्मेन्द्रिय, 5 महाभूत, 5 तन्मात्रायें तथा मन, बुद्धि, चित्त एवं अहंकार के रूप में 24 तत्त्वों की गणना हुई है । ये वही तत्त्व हैं जो जीव को 25वें तत्व परमात्मा से मिलने में विक्षेप पैदा करता है ।माया को देखने की इच्छा से प्रार्थना करते हुए एक दिन भगवान श्री रामकृष्ण को इस प्रकार का दर्शन हुआ था - 

‘‘एक छोटा सा बिन्दू धीरे-धीरे बढ़ते हुए एक बालिका के रूप में परिणत हुआ । बालिका क्रमशः बड़ी हुई और उसके गर्भ हुआ, फिर उसने एक बच्चे को जन्म दिया और साथ-ही-साथ उसे निगल गई । इस प्रकार उसके गर्भ से अनेक बच्चे जन्मते गये और वह सबको निगलती गई । तब मेरी समझ में आया कि यही माया है।’’ अर्थात् जो अभी है और दूसरे पल नहीं । वही माया है । माया परमात्मा की श क्ति है । वह अनादि तथा त्रिगुणात्मिका अर्थात् सत्व, रज तथा तम युक्त है । माया से ही समस्त सृश्टि की उत्पत्ति होती है । माया न सत् है, न असत् और न सद्सत् ही, यह न नित्य है, न अनित्य और न नित्यानित्य ही, वह न खण्ड है न अखण्ड और न खण्डाखण्ड ही । वह अत्यद्भुत है, अवर्णनीय है ।

माया दो तरह की हैं एक है विद्या-माया और अविद्या-माया । विद्या-माया जीव को ईश्वर की ओर ले जाती है और अविद्या-माया उसे ईश्वर से दूर । ज्ञान, भक्ति, दया, वैराग्य- यह विद्या-माया का ही खेल है इन्हीं का आश्रय ले मनुश्य ईश्वर के समीप पहुँच सकता है । बिल्ली जब अपने बच्चे को दाॅँतों से पकड़ती है तो उसे कुछ नहीं होता, लेकिन जब चूहे को पकड़ती है तो चूहा मर जाता है । इसी तरह माया भक्त को नष्ट नहीं करती, भले ही वह दूसरों का विनाश कर डालती हैं । अर्थात् परमात्मा अशुद्ध मन, बुद्धि, चित्त से परे है परंतु वही परमात्मा विशुद्ध मन, बुद्धि, चित्त में अपने आप को प्रकट कर देते हैं । 

परमात्मा प्राप्ति के तकनीक:

यमराज ने नचिकेता को परमात्मा (या ब्रह्म ) की प्राप्ति के तकनीक दो चरणों में बतायें हैं -

प्रथम चरण - किसी वस्तु के पूर्ण ज्ञान के लिये उसके अस्तित्व और सार तत्व दोनों का जानना आवश्यक होता है । यही बात ब्रह्म के लिये भी लागू होता है उसके अस्तित्व के लिये ही किसी अनुभवी गुरू अर्थात् आत्मोपलब्ध श्रेश्ठ पुरूष को वरण करना चाहिए जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हमारे शरीर, मन, इन्द्रियों से परे इस भौतिक जगत के पीछे कोई तत्व ब्रह्म है । इसी संदर्भ में प्रथम चरण की आवश्यकता है जब साधक निश्चिंत विश्वास से परमात्मा को स्वीकार कर लेता है और परमात्मा अवश्य हैं और अपने हृदय में ही विराजमान हैं तथा वे साधक को अवश्य मिलते हैं।

ऐसे दृढतम निश्चय से निरन्तर उसकी प्राप्ति के लिये उत्कंठा के साथ प्रयत्नशील रहता है तो उस परमात्मा का तात्विक, दिव्य स्वरूप उसके विशुद्ध हृदय में अपने आप प्रकट हो जाता है । इस प्रकार का ज्ञान होने से आत्मा के प्रति अज्ञान से सीमित देह की अज्ञान-भावना खंडित हो जाती है । फिर उस मनुष्य को भले ही वह न चाहे, ‘मैं मनुष्य हूँ’ इस भाव से भी मुक्ति मिल जाती है। इस तरह साधक देहात्मबुद्धि से मुक्त हो जाता है और साधक को यह बोध हो जाता है कि वह अनन्त, असीम, पूर्ण बोध युक्त परमात्मा अर्थात् ब्रह्म है तब वह ‘सोSहम्’ या ‘अहं ब्रह्मास्मि’की भावना से अनुप्राणित हो उठता है और विविधता से भरे विश्व से परे एकात्मकता के बोध को प्राप्त हो जाता है।

द्वितीय चरण - इस चरण में परमात्मा या ब्रह्म साक्षात्कार के बारे में बताते हुये कहा गया है कि ससीम मानव मन के लिए आत्मा या परमात्मा या ब्रह्म जो असीम चेतना की ज्योति है, आत्मा की भी आत्मा है, पर ध्यान करना अत्यंत दुश्कर है । अतः वेदान्त साधकों को कई जगत् विख्यात त्रैलोक्यवंदित उपमाओं द्वारा सहयोग करता है । यथा -

अंगुष्ठमात्रः पुरूशोन्तरात्मा
सदा जनानां हृदये संनिविश्ठ: ।
तं स्वाच्छरीरात्प्रवृहे न्मुंजादिवेशीकां धैर्येण ।
तं विद्यांच्छुक्रममृतं तं विद्यांच्छुक्रममृतमि ति ।।
(कठोपनिषद्, द्वितीय अध्याय, तृतीय बल्ली,श्लोक संख्या-17)

अन्तरात्मा-सब अन्तर्यामी, अंगुष्ठमात्रः-अंगुष्मात्र परिमाणवाला, पुरुषः-परम् पुरूष, सदा-सदैव, जनानाम्-मनुष्यों के, हृदये -हृदय में, सन्निविश्ठः-भलीभांति प्रविश्ट है, तम्-उसको, मुन्जात्-मूंज से, इशीकाम इव-सींक की भांति, स्वात्-अपने से, शरीरात्-शरीर से, धैर्येण-धीरतापूर्वक, प्रबृहेत्-पृथक करके देखे, तम्-उसी को, शुक्रम अमृतम् विधात्-विशुद्ध अमृतस्वरूप समझे, तम शुक्रम अमृतम् विधात्-और उसी को विशुद्ध अमृत स्वरूप समझे ।

अर्थात् ऐसी भावना करे कि अंगुष्ठ मात्र पुरूष, जो जीवों के हृदय में स्थित उनका अन्तरात्मा है, उसे धैर्यपूर्वक मूंज से सींक के निकालने के समान श रीर से पृथक है। श रीर से पृथक किये हुए उस अंगुष्ठ मात्र पुरूष को ही चिन्मात्र विशु द्ध अर्थात् निर्धूम अग्नि के समान तेजोमय और अमृतमय ब्रह्म जाने ।

इस तरह से प्रथम चरण में तो परमात्मा की प्राप्ति के योग्य सुदृढ़ मनःस्थिति तथा उदार हृदय की प्राप्ति की तकनीक बताई गई है परन्तु द्वितीय चरण में परमात्मा प्राप्ति का उपाय बताया गया है । वैसे ध्यान मे तो इसी स्थूल हृदय में इस प्रक्रिया को करना प्रतीत होता है परन्तु ध्यान की प्रगाढ़ अवस्था मे स्थूल हृदय के पीछे एक सूक्ष्य हृदय है वह खुल जाता है और फिरविशुद्ध अमृतमय ब्रह्म की प्राप्ति हो जाती है । इसके बाद कहने को कुछ नहीं रह जाता है, वह अवर्णनीय होता है । हम परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि वह हमारे हृदय में प्रकट होकर हमें कृतार्थ करें ।

अगर देखा जाये तो मूंज घास से सींक के निकालने की प्रक्रिया बडी नाजुक होती है । घास पत्ती में से कोमल भीतरी भाग को निकालना, बिना देानों को क्षति पहुंचाये बहुत कठिन होती है । यहां धीरज व सतत् प्रयास आवश्य क है ।

यह धीरज तथा प्रयत्नशीलता तब शक्य होती है जब साधक आश्वस्त हो जाता है कि दुष्कर साधना के बाद मिलने वाला फल मनुश्य के लिए श्रेष्ठतम, उच्चतम फल है, जो कि प्रज्ञा और अमरत्व है । अंत में यम घोषणा करते हैं कि आत्मा ही प्रकाश व अमृत है । वही मानव हृदय में सदा निवास करती हैं: "सदा जनानां हृदये सन्निविष्टः।"

यह बोध ही आध्यात्म है । यही है -नचिकेता का मूर्तिमंत वेदांत का अनन्तिम दर्शन । वेदांत केवल घोषणा ही नहीं करता है - ‘अहम् ब्रह्मास्मि’ का, बल्कि उसे प्रत्यक्ष भी करता है । अंत में कठोपनिषद उदारता पूर्वक कहता है - अन्योप्येवं योविद्ध्यातमं एवम्-और भी जो ब्रह्मसाक्षात्कार करेगा, उसी प्रकार अमर हो जायेगा । अर्थात् यह विद्या केवल नचिकेता के लिये ही नहीं है । यह तो सृष्टि एवं उसमें विराजमान ईश्वर द्वारा समस्त मानवजाति को दिया हुआ आशीर्वाद है ।

हम उठें, जागें, आगे बढ़ें एवं उसे स्वीकार करें - तभी यह धर्म सजीव हो उठेगा, जीवन का अंग बनेगा, हर गति में, हर लय में, रोम-रोम में समायेगा । वेदांत सार तभी साकार हो उठेगा-समग्र रूप से ।

उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्यवरान्निबोधत.

कपिल से खफा हुए रहमान


-प्रेमबाबू शर्मा

फूहडता और मंच पर आने मेहमानों और दर्शकों का अपमान करने वाला द कपिल शर्मा शो आए दिन अपने स्पेशल गेस्ट के चलते चर्चा में रहता है। इधर यह शो चर्चा में तो है, लेकिन किन्हीं दूसरे कारणों से। जैसे कि हाल ही में इस शो में ए. आर. रहमान गेस्ट के तौर पर आए थे। रहमान अपनी शांत परसनॉलिटी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन बताते हैं कि शो के सेट पर रहमान ने अपना आपा खो दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, रहमान ने शो के कॉमेडियन अली असगर को उन्हें न छूने की चेतावनी दे दी थी। अली का किरदार शो में आनेवाले मेल गेस्ट के साथ फ्लर्ट करने का है। लेकिन लगता है कि रहमान को यह सब पसंद नहीं आया।
रहमान के दोस्त ने कहा- जिस तरह इंटरव्यू हो रहा था, वह रहमान की शान के खिलाफ था। आप ग्रेट ग्रैंड मस्ती की टीम के साथ ऐसा मजाक कर सकते हैं, लेकिन रहमान के साथ नहीं। कपिल शर्मा ने अपना होमवर्क भी नहीं किया था। कपिल के मुताबिक, रंगीला रहमान का पहला कंपोजीशन था और रहमान ने आशुतोष गोवारिकर की हर फिल्म में म्यूजिक दिया है, जबकि ये दोनों ही बातें गलत हैं। अब यह जो अनुभव रहमान को मिला है, उससे तो यही लगता है कि शायद आगे से वह किसी टीवी शो में नहीं जाएंगे।

Toppers students from Schools for DWARKA TOPPERS’ STUDENTS AWARD -2016

Congratulations to Schools for the excellent results of class (X & XII) in CBSE Board 2016. Society for Creatives(Regd.-NGO) in association with Dwarka Parichay have successfully organized DWARKA TOPPERS’ STUDENTS AWARD thrice (2013, 2014 & 2015), in the 4th edition of “Academic Excellence Award” your students who got 9 CGPA+ in X class & 90% & above in XII class are eligible this prestigious award.

The following schools have already sent the list of eligible students accordingly. Till now we have received more than 1500 topper students from various schools of Dwarka & nearby area.


* Sri Venkateshwar International School, Sector-18, Dwarka
* Vandana International School, Sector-10, Dwarka
* Dwarka International School, Sector-12, Dwarka
* St. Thomas School, Goyala Vihar, Near Sector-19, Dwarka
*CRPF Public School, Sector-16, Dwarka
* N K Bagrodia School, Sector-6, Dwarka
* SAM International School, Sector-12, Dwarka
* Shiv Vani Public School, Dwarka
* R.D.Rajpal School, Sec.9, Dwarka
*Delhi Public School (DPS) Dwarka
*Rajkiya Pratibha Vidyalaya, Sec-10, Dwarka
* Sachdeva Global School, Sector-18, Dwarka
* Venkteshwar International School, Sector-10, Dwarka
* J M International School, Sector-6, Dwarka
* Moden Convent School, Sector-4, Dwarka
* Pragati Public School, Sector-13, Dwarka
* Bal Bhavan International, Sector-12, Dwarka
* Kamal Model Sr. Sec. School, Mohan Garden
* Mount Carmel School, Sector-22, Dwarka
* G.D.Goenka Public School, Sector-10, Dwarka

Dear Student/ parent if your school`s name is not in the above list & you/ your ward is eligible ( 9 CGPA+ in X class & 90% & above in XII class ) for the TOPPER'S award then ask your school`s Principal to send the list of Topper students immediately to info@dwarkaparichay.com

You can like & see all the updates at our official facebook page :

https://www.facebook.com/DwarkaTSA 
( Please like & share above link to spread this message to eligible students/ parents/ schools.)

You cooperation is our real strength. So, always keep in touch with us.

Team Dwarka Parichay


Happy Birthday-- Mumtaz


Saturday, July 30, 2016

Teej celebrations in Dwarka




ANHLGT celebrated Teej Festival in Dwarka. Cultural programme - song and dance performed by students of Nishchintam Dance Academy.

फिल्म 'इतवार- द संडे’ सम्मानित


-चंदन शर्मा

हाल में कोलकता में आयोजित शॉर्ट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2016 का आयोजन हुआ। फेस्टिवल में सौ से ज्यादा फिल्में का प्रदर्शन हुआ। सभी फिल्में समाजिक विषय और समाज में फैली ज्वंलत समस्याओं पर आधारित थी। फेस्टिवल में कृष मूवीज निर्मित फिल्म शॉट फिल्म ‘इतवार- द संडे’ को स्पेशल फेस्टिवल मेंशन अवार्ड से पुरस्कृत किया गया।

‘इतवार- द संडे’ जनरेशन गेप पर आधारित फिल्म हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द गिर्द घूमती है जो एक लंबे अंतराल के बाद पूरा परिवार एक दिन एक साथ गुजारते है।

फिल्म के प्रोड्यूसर राजेश कुमार जैन और निर्देशक राजदीप पॉल और सर्मिष्ठा माइती है । फिल्म में मुख्य किरदारों में हैं जिसमे मुख्य कलाकार राजेश कुमार जैन, अनन्या सेनगुप्ता, अहाना कर्मकार ।

GOONJ..Rahat-Flood collection camp in Dwarka on 31st July


Urgent need to create social awareness on Dengue!


Prevention measures essential to curb the ongoing dengue menace in the city Despite the best efforts from doctors, the breakbone fever will continue to exist over the next one month

Although, the dengue fever cases registered have decreased over the past few years; the tropical disease has seemed to bounce back in India at a five-year high. The reason for this is the outbreak of a new type of disease virus known as Dengue 4. Given this scenario, the disease occurrence will continue for the next one month, and necessary prevention measures must be taken.

It is extremely important to note that platelet transfusion is only needed in dengue cases where the platelet count is less than 10,000, and there is active bleeding. Unnecessary platelet count can cause more harm than good. Adequate hydration is the best management approach to dengue while monitoring crucial signs. In most cases, hospitalization is not required, and families must not insist towards this as it deprives seriously ill patients from getting hospital beds. Only severe dengue cases must be admitted basis the treating physicians discretion. One must always remember that 70% of the dengue fever cases can be cured just through the proper administration of oral fluids. Patients must be given 100-150 ml of safe water every hour and it must be ensured that they must pass urine every 4-6 hours.

Speaking about this issue, Padma Shri Awardees Dr A Marthanda Pillai National President Indian Medical Association (IMA) and Dr KK Aggarwal Honorary Secretary General IMA and President HCFI said, “The misconceptions that people have about the mosquito-borne tropical disease has contributed towards making India the ‘Dengue capital’ of the world. Nowadays, individuals ignore the fact that the disease is manageable and preventable. Also, it can be effectively treated with the right kind of first aid, medication, and precautions. In addition to this, people forget that surviving dengue the first time doesn’t make us immune to reinfection with another strain, so one should always take precautions after recovering from the infection. The need of the hour is to raise awareness about prevention, treatment options and busy common myths about the disease. Instead of panicking and spreading panic, we must all work together towards solving the problem and preventing as many cases as possible.“

What are symptoms of severe dengue fever?
*Abdominal pain or tenderness
*Persistent vomiting
*Clinical fluid accumulation (pleural effusion/ascites)
*Active mucosal bleeding
*Severe restlessness or lethargy
*Tender enlarged liver

How to identify dengue fever by applying the Formula of 20:
*If there is rise in pulse by 20
*If there is fall in upper BP by 20
*If the difference between upper and lower blood pressure is less than 20
*If there is rise in hematocrit by 20 percent
*If the platelet counts are less than 20,000
*If the petechial count in one inch of the arm is more than 20 after tourniquet test

If all of this happens then it is essential to take 20 ml of fluid per kg body weight in a span of 20 minutes and then approach the doctor.

First aid for Dengue patients:
*If a person has warning signs of dengue with normal blood pressure 10ml of fluid per kg body weight must be administered in the next 20 minutes (oral or IV). Then the dose should be reduced by 50% in the next hour. If they have low blood pressure than the quantity should be 20ml per body weight
*A patient should drink as much fluids as he can
*Best oral fluid is one litre of safe water added with six spoons sugar and half spoon salt
*Anyone who is ill with dengue shouldn’t cut down on food. Consuming nutritious food in sufficient quantities is important.
*Best treatment for dengue is 100 ml of fluids per hour for 48 hours from when the symptoms are noted in patients with normal BP patients and 150 ml per hour in patients with a low BP

Dangerous Parameters: When you should be worried?

While first aid will help you control the situation so that it doesn’t reach the extreme. But a patient is advised to consult a doctor in situations like:
*When there is an absence of baseline hematocrit value. If hematocrit value is less than 40 percent in adult female and less than 46 percent in the adult male, then a doctor should be consulted, as it might be a case of plasma leakage.
*When the platelet counts are rapidly falling.
*When the difference between the upper and lower blood pressure is falling.
*When liver enzymes SGOT levels are more than SGPT levels. Liver enzyme levels more than 1000 can lead to severe plasma leakage and less than 400 can cause moderate plasma leakage.
*When there is a progressive increase in hematocrit with a progressive reduction of platelet count

WILL BE GLAD IF I CAN INSPIRE GIRLS: UVENA

Joseph Solomon
AIFF Media Team

They say Referees are often born, not made. For Uvena Fernandes, the first ever Woman Referee selected to officiate in a FIFA Women’s U-17 World Cup scheduled to be played in Jordan from September 30-October 21, 2016, it was a fusion of both.

Recollecting her baby steps in the Footballing World Uvena recollects: “I represented the Indian Women’s National Team in International Tournaments and after that I chose Refereeing.”

“My career as a Football Player helped me to understand Refereeing better. It worked hand-in-hand for me, but I had to work hard in my quest to become a better Referee,” Uvena says in one breath.

Acting as an Assistant Referee, Uvena has officiated in four Asian Games 2014 Women’s Football matches in Incheon, Korea Republic including the semi-final tie between former World Champions Japan and Vietnam. Not only that, Fernandes has also officiated as an Assistant Referee in Subroto Cup 2015 and Women’s Competitions all across India.

“It all started in 2003”, Uvena informs nostalgically. “That is when I took my baby steps in Refereeing and I had no idea that I would come this far in the profession.”

“Officiating in the Asian Games was a big challenge for as you don’t get to officiate at such a level regularly. It taught me how to compose myself and keep myself calm even in tough situations,” she states.

“I am glad if I can inspire girls to take up Refereeing,” she pronounces. “Women’s Refereeing in India is on the rise and AIFF works hard to extend the horizons of Women’s Refereeing. Many girls aspire to become Referees these days. This was rare back in my days. So obviously there is a huge transition.”

“The AIFF has been working hard to develop Indian Referees. There are a lot of developmental activities. I need to thank them for all the help.”

How challenging has Refereeing as a Woman been? You inquire.

“It is challenging as it requires hard work to excel as a Referee. But once you do that everybody respects you. The fact that you are a Woman Referee adds more gloss to the respect.”

“My family has been an inspiration to me and whenever the going got tough, I cajoled my family to motivate me. They are the reason I am where I am today,” she adds.

With Uvena becoming the first Woman Referee selected for the FIFA U-17 World Cup in Jordan, Women’s Football in general and Women’s Refereeing has found a beacon of inspiration.

In the process she became the second Indian Referee after K Shankar to get a chance to officiate in any World Cup. Shankar had officiated as an Assistant Referee in the World Cup 2002 simultaneously held in Korea and Japan.

You inquire what message would Uvena like to give aspiring Referees. “Work hard and try to become a better Referee every day. Perform your duty to the best of your ability, and never be scared to give a decision.”

Happy Birthday-- Sonu Nigam


Friday, July 29, 2016

ईबे इंडिया और वायकाॅम 18 मोशन पिक्चर्स ने किया गठबंधन

-प्रेमबाबू शर्मा

जुनून बढ़ाने की अपनी राह पर आगे बढ़ते हुए ईबे इंडिया ने ‘बुधिया सिंह - बाॅर्न टू रन’ मूवी के लिए वायकाॅम 18 पिक्चर्स के साथ साझेदारी की है। इसका उद्देश्य एक म्यूजिक वीडियो के द्वारा जुनून की भावना का सम्मान करना है। यह म्यूजिक वीडियो फिल्म का टाइटल संगीत भी है, जिसमें दर्शकों का आह्वान किया गया है कि वे ‘‘किसी बुधिया के लिए बिरंची बनें‘‘।
Shivani Suri, Director Marketing, Ebay India, Manoj Bajpayee &
Rudradup Dutta, Head Marketing, Viacom 18 Motion Pictures

वीडियो के इस इस टाइटल संगीत में, जैसा कि बुधिया सिंह के कोच बिरंची ने उसके लिए किया, उसी तरह बच्चों में दौड़ने का जुनून जगाने के लिए ईबे की कोशिशों को बयाँ किया गया है। इस गाने को हितेश सोनिक के संगीत निर्देशन में गायन के नए सितारे सिद्धार्थ महादेवन ने आवाज दी है। यह दौड़ने का सपना पूरा करने के लिए एक नन्हे बच्चे के अदम्य जुनून की थीम पर आधारित है। इस म्यूजिक वीडियो को कलर्स टीवी, एमटीवी, काॅमेडी सेंट्रल, निकलोडियन सहित वायकाॅम 18 के सभी आॅनलाइन चैनलों पर प्रमोट किया जाएगा।

कैंपेन के हिस्से के तौर पर ईबे इंडिया ने एक माइक्रोसाइट भी तैयार की है जहाँ उपभोक्ता 50 प्रतिशत छूट के साथ शूज खरीद सकते हैं। इस आॅफर में ईबे वेबसाइट पर की जाने वाली प्रत्येक खरीदारी पर मैजिक बस के सुविधाहीन बच्चों को एक जोड़ी जूते उपहार में दिये जायेंगे।

ईबे इंडिया द्वारा ग्राहकों के लिए व्यापक वैरायटी, सेलेक्शन और डील्स की पेशकश की जाती है जोकि उनकी पसंद की चीज प्रदान करते हैं और यह उन्हें व उनके जुनून को प्रेरित करता है।

इस गठबंधन के बारे में ईबे इंडिया की निदेशक (मार्केटिंग), शिवानी सुरी ने कहा कि, ”‘बुधिया सिंह - बाॅर्न टू रन’ मूवी के साथ साझेदारी एक सही प्लैटफाॅर्म है। इसका उद्देश्य जुनून की धुन को आगे बढ़ाना और उपभोक्ताओं को उनके हर तरह के सपने को साकार करने की प्रेरणा देना है। इस पहल के द्वारा हम सुविधाहीन बच्चों को खेल के क्षेत्र में बढ़ने का अवसर भी देना चाहते हैं।‘‘

इस अवसर पर उपस्थित श्री रुद्ररूप दत्ता, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट - मार्केटिंग, वायकाॅम 18 मोशन पिक्चर्स ने कहा कि, ”समान विचार वाले ईबे को अपने सहयोगी के रूप में पाकर हमें खुशी हो रही है। ईबे सिनेमा को मनोरंजन के अलावा प्रेरणा का एक स्रोत और सामाजिक बदलाव का वाहक मानता है। बुधिया सिंह - बाॅर्न टू रन एक सशक्त फिल्म है। हमारा विश्वास है कि इस सच्ची कहानी से समाज के अनेक ‘विरंची’ को प्रेरणा मिलेगी और पूरे देश के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने का प्रोत्साहन मिलेगा।‘‘

वायकाॅम 18 मोशन पिक्चर्स की ‘बुधिया सिंह - बाॅर्न टू रन’ जीवनी आधारित स्पोर्ट्स फिल्म है, जिसमें मनोज बाजपेयी ने विलक्षण बच्चे बुधिया सिंह के कोच की भूमिका निभायी है। इस फिल्म को लोगों ने बेहद पसंद किया है और इसे 2016 में बच्चों की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए प्रतिष्ठत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिया गया है। बुधिया का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। अपने कोच बिरंची की मदद से तमाम चुनौतियों को हरा कर उसने 5 वर्ष की उम्र में ही पुरी से भुवनेश्वर तक 65 किलोमीटर की दौड़ के सहित 48 मैराथन की दौड़ पूरी की है। इस फिल्म की दिल को छूने वाली प्रेरणादायक कहानी युवा लड़के बुधिया के वास्तविक जीवन से जुड़ी है।

ANHLGT is celebrating Teej Festival on 30th July

निवेदिता फाउंडेशन एवं अपना रोटी बैंक ने फिल्म एवं मीडिया जगत के अलावा सैकड़ो सामाजसेवी प्रतिभाओं को सम्मानित किया


(रिपोर्ट एवं छाया: एस. एस. डोगरा)

25 जुलाई को लोक कला मंच, लोधी रोड पर निवेदिता फाउंडेशन और अपना रोटी बैंक(देहरादून) के बैनर तले कार्यक्रम (तू ही रे-2)का आयोजन किया गया ।इस कार्यक्रम में दस माँ बेटियों की जोडियों ने परफ़ोर्म किया |इस कार्यक्रम में जहाँ माँ /बेटी के खूबसूरत रिश्ते की सोच और बॉन्डिंग को लोगो के सामने रखा गया।मुख्य अथिति राजबीर सिंह ढाका ह्यूमन राईट एक्टिविटीस्ट अर्पिता बंसल जी नेचर इंडिया से शरद गोयल जी रहे। 

वरिष्ठ पत्रकार श्री एस. एस. डोगरा जी द्वारा सन्त श्री आर एस ढाका जी एवं जीवन आश्रम, मसूरी पर आधारित कॉफ़ी टेबल का लांच उत्तराखंड सरकार के मीडिया प्रभारी श्री हरिपाल जी - के करकमलो द्वारा कराया गया। वहीँ पर अपना रोटी बैंक की और से देश भर से आये ऐसे कुछ बच्चों को को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने शारिरिक विषमताओं के चलते भी अपना एक मुकाम हासिल कियाहै| 

 यंग अचीवर्स अवार्ड के कुछ नाम रहे राधे (पानीपत )कुलदीप (सोनीपत) नसीबा(सोनीपत ) रेनू जी (रेनू विद्या मंदिर बहालगढ़ हरयाणा से ) हरषित और भावना (न्यू आशा स्पेशल स्कूल दिल्ली) रामशिमार( पानीपत )अशोक सहरावत (करनाल) से इनको सम्मानित किया गया | इसी अचीवर्स अवार्ड में अपना नाम फ़िल्म और कला जगत में कमाने वाले कुछ कलाकारो को भी ये अवार्ड दिया गया | सागरिका देब (सिंगर)एना सचदेव (डी जे सिंगर)पंजाब से सिंगर (नवजोत )एक्टर आदित्य नोहवार (मथुरा) हरियाणवी कवि सूंदर कटारिया को संम्मान दिया गया।सेलिब्रिटी गेस्ट में सुल्तान फेम हरियाणा की टीम ने भी शिरकत की ।गेस्ट ऑफ़ ऑनर रहे ।रीमिक्स एंटरटेंमेंट से हर्ष सिंह ,लाइव 24से प्रमोद ठाकुर /गौतम जी कलीराम तोमर जी शामिल हुए।

जज की भूमिका निभाई पूनम मटिया जी /मंगेश त्रिवेदी ,डॉक्टर धीरजा बब्बर ,सोशल वर्कर रनधीर सिंह ,और सैम विलियम और शैफाली जी ने और रांझणा यादव जी ने । माँ बेटी के इस अद्भुत रिश्ते के शो की विजेता रही डॉक्टर अमित कौर पूरी और उनकी बेटी जसमीत कौर /दूसरे नम्बर पर हरियाणा से निधि कटारिया और उनकी बेटी रीनी कटारिया /और तीसरे स्थान पर सविता तंवर और उनकी बेटी शिविका माँ बेटी के इस शो ने सभी का मन मोह लिया /कार्यक्रम के आयोजक निवेदिता फाउंडेशन और अपना रोटी बैंक देहरादून की और से (बेटी बचा ओ बेटी पढ़ाओ ) अभियान की एक ये एक कड़ी था । 

इस शो को होस्ट किया जी गोट मीडिया के फाउंडर अख्तर खान और भावना ने कार्य कर्म में छायाकन् वोहरा स्टूडियो और विज़न सीरीज का रहा ।सहयोगी मुस्कान के के मेमोरिअल ट्रस्ट /जीवन आश्रम ट्रस्ट अक्षय डिज़ाइन से जितेंदर गोयल /एक तमन्ना फाउंडेशन से वर्षा चौहान /डिवाइन आर्यस प्रोडक्शन से गोकुल पंडित /शिमला हैरिटेज होटल से दीपक जैन जी रहे। आयोजक (निवेदिता फाउंडेशन से वाईस प्रेजिडेंट राजीव जी /सेक्ट्री नीलिमा ठाकुर /और अपना रोटी बैंक देहरादून से हिमांशु पुंडीर जी का कहना है की ऐसे पर्यास हम करते रहेंगे और इस तरह के प्रयासो से समाज को रिश्तो और भावनाओ की अभिवयक्ति का एक मंच के साथ साथ प्रेम और जिमेदारीयो की भावना भी जागरूक होती है ! इस कार्यक्रम में रेखा वोहरा जी, अमित गुप्ता जी, मोनिका सिंह जी, सुरिंदर डोगरा जी, मोहम्मद ताहिर साहेब भी विशेष रूप से उपस्थित थे. 

गौरतलब है कि इस पुरे कार्यक्रम को सफल बनाने में अनामिका ठाकुर जी की बहुमुखी प्रतिभा ने अत्याधिक प्रभावित किया निवेदिता फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव गर्ग जी, जबकि उत्तराखंड के युवा समाजसेवी हिमांशु पुंडीर-अपना रोटी बैंक के संस्थापक का विशेष योगदान रहा.

A Group Art Show at Sri Venkateshwar International School, Sec.18, Dwarka


A Group Art Show at Sri Venkateshwar International School, Sec.18, Dwarka, Where creative art work of Dr. Amrit Kalsi, Mr. Ramesh Mumukshu, Senior Journalist Asheesh Mamgain, Mrs. Arya Vasudevan & Young student NIFT Seher Hasmi attractive the art lovers with innovative ideas introduced in the art exhibition for the first in Dwarka.

Mrs. Leena(Lawayer) & Madhvi Kane -representing Dwarka Collective informed Dwarka Parichay that the basic ideas is to encourage the students community & new generation to interact & attract to creative arts. Dwarka collective is already regular event in the field of literature, art, culture. for detail you can contact at 9891808508, 9818040768, 9811807558

Happy Birthday-- Sanjay Dutt


Thursday, July 28, 2016

AIFF EXECUTIVE COMMITTEE MEETS IN DELHI

AIFF Media Team

The President of the All India Football Federation (AIFF) Mr. Praful Patel Chaired AIFF’s Executive Committee Meeting at the Constitution Club of India, New Delhi on Thursday (July 28, 2016).

Besides, AIFF General Secretary Mr. Kushal Das; Vice Presidents Mr. Subrata Dutta, Mr. KMI Mather, Mr. Shrinivas Dempo, Mr. Subhash Chopra, Mr. Larsing Ming; Treasurer Mr. ZA Thakur; Ms. Sara Pilot; and all other members except Mr. AR Khaleel and Mr. Jesiah Villavarayar attended the Meeting.
AIFF President Mr. Praful Patel Chaired AIFF Executive Committee Meeting in the Capital

AIFF Technical Director Mr. Scott O’Donnell, Mr. Bhaichung Bhutia, Chairman, Technical Committee, AIFF; Mr. Javier Ceppi, Tournament Director, FIFA U-17 World Cup India 2017 and Mr. Joy Bhattacharya, Project Director, FIFA U-17 World Cup India 2017 were also present on the occasion.

Mr. Chirag Tanna and Mr. Rochak Langer representing FSDL attended the Meeting.

The Committee was apprised about the approval of the participation of 40 odd Teams in the U-18 League (post inspections). This is a significant increase as in 2015-16, there was a participation of 28 Teams in the League.

Besides, the U-16 Youth League has also witnessed a massive increase in Teams. While in 2015-16, 39 Teams had participated, the forthcoming edition will see over 50 Teams battling for the top honours.

Echoing the sentiment, Mr. Patel said: “This is a huge positive step.”

“It highlights the interest about the game among the younger generation. AIFF has been working extensively on the Grassroots and Youth Development, the results of which are beginning to show”, he added.

The first edition of the U-13 League is scheduled to kick-off in 2017-18 season.

The draft for the proposed restructuring of Indian Club Football was put forward to the Executive Committee for the members along with the comments received from I-League and 2nd Division Clubs. The members of the Committee have been asked to come back with their suggestions.

Furthermore, the President suggested the formation of a working committee to initiate an extensive dialogue involving all stakeholders for the best possible path including discussion with AFC and FIFA.

The Committee also ratified the proposal of providing a time span of one year to 2nd division Clubs to complete their I-League Club licensing criteria instead of the prevailing three-month span.

The fee of the Central Registration system (CRS) was reduced from Rs. 15000 to Rs. 5000 for foreign Players and to Rs. 5000 to Rs. 2000 for Indian Players. In addition, Women Players playing in the proposed Women’s League will have to pay a CRS fee of Rs. 1000 while all other Women Players need to play an amount of Rs. 100.

The AIFF regulations on working with the intermediaries were approved by the Committee.

Meanwhile, the Committee congratulated the Indian National Team for an authoritative display against Laos in the play-offs for the 2019 UAE Asian Cup Qualifiers where India won 7-1 on aggregate.

Javier Ceppi also briefed the Committee about the organistion of the FIFA U-17 World Cup India 2017.

The proposed new logo of the AIFF was presented to the Committee and approved. The launch date of the logo will be decided soon by the President.

चैनल जिन्दगी का नया शो ‘काश ऐसा हो’


-प्रेमबाबू शर्मा

चैनल जिन्दगी के नए धारावाहिक ‘काश ऐसा हो’, बिल्कुल अलग-अलग भावनाओं पर आधारित कहानी है। जो सपने और हकीकत के बीच की एक प्रेम कहानी है, जिसमें एक व्यक्ति की तमन्ना प्यार और प्यार करने वालों के रास्ते में आ जाती है। यह मार्मिक प्रेम कहानी है, जिसमें सबा कमर के साथ-साथ मोहिब मिर्जा, शाहूद अल्वी, जुग्गन काजमी, और अन्य खूबसूरत और प्रतिभाशाली कलाकारों ने अभिनय किया है।

महा मलिक द्वारा लिखित और सोहेल जावेद द्वारा निर्देशित ‘काश ऐसा हो’ एक अनाथ लड़की इरफा की कहानी है, जिसका पालन-पोषण उसकी खाला ने किया है। इरफा बचपन से ही अपने चचेरे भाई शायन को चाहती है। शायन एक ऐसा कलाकार है, जो उत्कृष्टता और सुंदरता के प्रति आसक्त है, और वह इरफा के प्यार के महत्व को नहीं समझता है। हालाँकि उसे भी इरफा पसंद है, लेकिन वह उसकी सादगी की वजह से जान बूझकर उसके प्रेम और अनुराग को नजार अंदाज करता है। बाद में इरफा से उसकी शादी हो जाती है, लेकिन शायन के भीतर मौजूद कलाकार को एक अलौकिक देवी की चाहत है। आखिरकार पैसे और सुंदरता के लिए शायन की आसमान छूती महत्वाकांक्षा के कारण उसका घर और परिवार बिखर जाता है और वह अपनी पत्नी और बच्चे को छोड़कर चला जाता है। इसके बाद भावनाओं के उतार-चढ़ाव के साथ-साथ प्यार और जीवन की एक जटिल यात्रा शुरू होती है।

क्या शायन को कभी इरफा के सच्चे प्यार और उस जीवन का एहसास होगा, जिसे उसने पीछे छोड़ दिया है? क्या इरफा अपनी बेटी के पालन-पोषण के लिए अपने जिन्दगी के टूटे हुए तारों को फिर से जोड़ पाएगी? क्या इरफा और शायन फिर एकसाथ जीवन व्यतीत करेंगे, यह तो केवल वक्त ही बताएगा?

9th Annual Summit Cyber & Network Security


दिल्ली के एफ बार में महारानी की मस्ती




-प्रेमबाबू शर्मा

कहा जाता है कि किसी शहर को बनाने के लिए तीन चीजों की जरूरत पड़ती है- बादशाह, बादल और दरिया और दिल्ली को ये तीनों ही भरपूर मिले। यही वजह है कि इस शहर की एक अलग ही शान और आकर्षण है। देश के अलग-अलग शहरों से पढ़ाई या नौकरी के लिए दिल्ली आने वाले युवा ज्यादातर यहीं के होकर रह जाते हैं। दिल्ली को दिलवालों का शहर भी शायद इसीलिए कहा जाता है।स्ट्रीट फूड, फैशन, ऐतिहासिक इमारतें, स्कूल-कॉलेज के अलावा दिल्ली की जो बात युवाओं को लुभाती है वो है यहां की नाइट लाइफ। दिल्ली की नाइटलाइफ का हिस्सा बने रेस्टोरेंट, बार, पब या क्लब में आने वाले युवाओं का एक ही मंत्र होता है- जिंदगी न मिलेगी दोबारा इसलिए दिन में जमकर काम करो और रात में जमकर मस्ती।ये दिल्ली की नाइटलाइफ है, जहां मस्ती होती है दिल से! इसी डांस,मस्ती और धमाल को ध्यान में रखकर दिल्ली के एफ बार में मॉडल नाइट का आयोजन किया गया...जहां टीवी सीरियल से जुड़ी चुलबुली रोशनी वालिया ने भी शिरकत की....रोशनी वालिया को आप सभी सीरियल महाराणा प्रताप में महारानी अजब दे के रोल में देख चुके है....और बहुत जल्द रोशनी की एक फिल्म रिलीज होगी..जिसकी शूटिंग में आजकल रोशनी बिजी है

Happy Birthday-- Ayesha Jhulka


Wednesday, July 27, 2016

Global nature festival


सैंसर से विवादों के बाद फिल्म लव के फंडे रीलिज



-प्रेमबाबू शर्मा
लिविंग रिलेशन जैसे ज्वलंत मुददों पर आधारित ‘लव के फंडे’सेंसर काफी जद्दो जहद के बाद फिल्म को ऐ सर्टिफिकेट मिला है। फिल्म में,एक्स्ट्रा मैरिज अफेयर के बारे में दिखाया है। ये फिल्म हर उम्र के लोगों को पसंद आएगी। 

निर्माता -गीतकार फैज अनवर और प्रेम प्रकाश गुप्ता की पहली फिल्म ‘लव के फंडे’ सेंसर में पास ना होने के कारण इसकी दो बार डेट बदल चुकी। शालीन भनोट ,आशुतोष कौशिक ,ऋषांक तिवारी ,रितिका गुलाटी ,हर्षवर्धन जोशी ,सूफी गुलाटी ,समीक्षा भटनागर,पूजा बैनर्जी ,प्रमोद माउथो फिल्म के कलाकार हैं।
फिल्म के निर्देशक और लेखक हैं इंदरवेश योगी और संगीतकार हैं प्रकाश प्रभाकर और फरजान फैज। फिल्म को बनाया है एफ आर वी बिग बिजनेस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटिड और प्रेम मोशन पिक्चर्स ने जिसकी शूटिंग मुंबई ,गोवा ,जम्मू और कश्मीर में हुई है। फिल्म के सह निर्माता हैं मंजूनाथ ,मनोहर अय्यर , म्यूजिक है जी म्यूजिक कंपनी। फिल्म कॉमेडी रॉम कॉम जॉर्नर की है जिसमे आजकल के सोशल मीडिया को खूब दिखाया है।

फिल्म में अपने किरदार के बारे में रितिका गुलाटी ने कहा कि फिल्म महानगरों में रहने वाले लोगों पर आधारित है,फिल्म में मैंने शीर्ष किरदार को निभाया है। चूँकि फिल्म कि कहानी काफी बोल्ड है।

Art Show at Sri Venkateswar International School, Dwarka


Women entrepreneurs hold key to achieve double-digit growth rate: Amitabh Kant


Mr. Amitabh Kant, CEO, Niti Aayog, today exhorted women entrepreneurs to exploit their immense innovative power and raise their contribution to India’s GDP. Worldwide, women contribute to 40% to GDP while in India their contribution is 17%. “If women’s share in India’s GDP rises to 40%, the country would be able to add $700 billion to its GDP by 2025,” he said while addressing a FICCI Ladies Organisation (FLO) meeting on ‘Make in India: Hand Made in India’

Mr. Kant said that India is an innovative society and this was demonstrated by the fact that over 1500 international companies had set up global innovation centres in India. He said India needs to grow at 9-10% annually for the next 10 years to take care of its myriad problems and this could be achieved through the dint of hard work of young entrepreneurs, especially women entrepreneurs.

Mr. Sabyasachi Mukherjee, Fashion Designer, in his remarks, said that today’s millennials were exposed to luxury from modern gadgets to international schooling. “The ‘Make in India’ campaign cannot be successful if Indians do not understand the importance of being Indian,” he declared.
L-R Amitabh Kant,CEO NITI Aayog, Vinita Bimbhet, President, FLO, F
Ashion designer Sabayasachi

Mr. Mukerjee said that Indians still think that what one gets outside is best in the world. This had to change. “If India paid as much attention to its social and cultural roots rather than just religion, India will be a different country,” he said, adding that the day India starts organizing itself, China will become a distant cousin.

Ms. Vinita Bimbhet, President, FLO, said that after the Government’s ‘Make in India’ campaign, the Niti Aayog’s proposed ‘Handmade in India’ campaign will help revive the country’s hand woven and hand crafted heritage and leverage the synergy between handlooms, art, handicrafts, khadi & village industries and play a bigger role in global markets.”

A major highlight of the interactive session was recognition of women achievers from the Indian fashion industry who have been rallying behind the cause of handmade textiles. These achievers include eminent designer Asma Hussain for skilling India and reviving the heritage of Awadh; State awardee artist, Choti Tekan from Madhya Pradesh for reviving the Gond form of tribal art and Anavila Misra for innovative designs and a must have popular linen saree.

पत्नी और प्रेमिका के बीच फंसा:ऋषांक तिवारी


-प्रेमबाबू शर्मा

हिंदी फिल्म लव के फंडे में पत्नी और प्रेमिका के बीच फंसा एक युवा ऋषांक तिवारी अपने किरदार को लेकर खासे उत्साहित है। ऋषांक अपने किरदार के बारे मे कहते हैं कि ‘मेरे किरदार का नाम मनन है वह एक शादीशुदा शख्स है और उसकी पत्नी का किरदार समीक्षा भटनागर कर रही हैं। मनन को एक दूसरी लड़की रितिका गुलाटी से प्यार हो जाता है। अब मनन कैसे बीवी ऑर गर्लफ्रेंड दोनो बीच मे दोहरी जिंदगी जीने वाला आदमी बन जाता है इसे रोचक ढंग से दिखाया गया है।

ऋषांक इसके अलावा एक कन्नड़ फिल्म मे एक इंस्पेक्टर का चरित्र निभा रहे है। ऋषांक ने बताया कि ‘इन दिनों कई फिल्मों में काम कर रहा हॅू,जैसे ‘यह है इंडिया’मे मैंने एक ड्रग सप्लायर का रोल किया है। निर्देशक समीर सिद्दीकी की फिल्म ‘चक्कर सी डी का‘ लीक से हटकर एक पत्रकार की भूमिका निभा रही हॅू जबकि एक फिल्म ‘डार्कनेस’मे भी में शीर्ष किरदार है।

ऋषांक तिवारी इंजीनियर है लेकिन लेकिन उन्होंने रिस्क लिया और वह एक्टर बनने मायानगरी चले आये। ऋषांक कहते है कि ‘मुम्बई मे मैंने सबसे पहले थिएटर ज्वाइन किया। पिछले चार वर्षो के दौरान मैंने बेशुमार ऑडिशन दिए लेकिन मुझे सफलता तब हासिल हुई जब मुझे बतौर अभिनेता गीतकार निर्माता-फैज अनवर की फिल्म ‘लव के फंडे’मिली । इस फिल्म के निर्देशक हैं इंदरवेश योगी। ’

ANHLGT organised a tree planting in Dwarka



ANHLGT has organised a tree planting Programme on 23rd July 2016 in sector 23. Mr Mahesh, Municiple Councellor Matiala Constituancy launched the planting of 40 plants in thr area. More than 100 residents enthusiastically participated and planted the plants. 

Smt. Cicily Kodiyan welcomed the Councillor Smt Sunita Dutta presented to the councillor with bouque.  She Registered the people to adopt each of the plant. They ready and put their names on their plants. Mr. Omveer Singh, section officer S.D.M.C with his staff was doing the maintenance of the park cutting grass, trimming plants and pruning the trees.

The residents have formed 97 a group of members for maintenance & monitoring of parks in the area. Mr. Vinod Chopra from Dwarka Dham selected as leader and Mrs. Madhu Gupta and Laxmi as assistance. They have noted down the Park Lovers names, address and telephone numbers for the next monthly meeting to improve the park.

IDP Australian Education Fair

Happy Birthday-- Rahul Bose


Tuesday, July 26, 2016

Shiksha Bharati Public School Organised academic counseling session


Shiksha Bharati Public School, Sector-7, Dwarka organised academic counselling session on 23rd July 2016 for Class X students and their parent regarding the betterment in scholastic achievement.

The Principal Ms Mamta Gupta welcomed all the parents and students. She appreciated the open view for opting ‘ CBSE Board Class X’. She opened her valuable words on benefits for board exam. It was keenly observed the involvement of the parents for the improvement in co-scholastic and scholastic graph, even some tips and techniques were discussed. Good parenting with values was also focused in the session.

Questionnaire session was held and positive interaction took place. The entire session was applauded by the parents with the grace of satisfaction. It was concluded with the vote of thanks given by the vice-Principal.

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