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Friday, May 31, 2013

Heartiest Congratulations to all the Class X students of SVIS


Latest film release - Yeh Jawani Hai Deewani

Film: Yeh Jawani Hai Deewani ; Release Date : 31, May 2013
Director --- Ayan Mukerji
Producer --- Karan Johar
***** Starring ***** 
Ranbir Kapoor, Deepika Padukone, Aditya Roy Kapur, Kalki Koechlin

Heartiest Congratulations to all the Class X students of The Indian Heights School

“While most are dreaming of success, winners wake-up and work hard to achieve it.”


The students of The Indian Heights School achieved greater heights with their outstanding performance in Class X board results. Heartiest congratulations and kudos to all the students for achieving 100% result. Shivangi Saraswat and Devanshi Singh took the school to zenith of success by securing a CGPA of 9.8 and 9.6 respectively! The Principal of the school, Ms. Archana Narain said “We are proud of you all. Congratulations to all the students and the parents.”

AN INITIATIVE FOR OUTSTANDING STUDENTS


Dear Principal/  Parents/ Students, CONGRATULATIONS.

The students who got more than 95% marks in their XII class, can attach the Mark Sheet (duly attested by the School’s Principal) along with Passport sized photo (preferably in school dress). We’ll publish the achievements in our fortnightly newspaper & on our portal too. Moreover, we’ll even forward them to few national reputed newspapers also, so don’t wait hurry up & send your entries immediately to us . Preferably on our official email: info@dwarkaparichay.com or at our Registered office:301, Plot No.9, Vikas Surya Galaxy, Central Market, Sector-4,Dwarka, New Delhi-110075 or call directly to S.S.Dogra-Editor-Dwarka Parichay (Bilingual-Newspaper) M-9811369585.

(This initiative is just for encouraging the outstanding students only-This is absolutely free service from Dwarka Parichay Pvt. Ltd., Delhi-INDIA).

Recently Dwarka Parichay felicitated Ankit Saini ( with cash prize of Rs.1100/- )who was TOPPER in Delhi Govt. Schools. 
For detail click the link.

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर विशेष



प्रो.  उर्मिला परवाल 

व्यक्ति समाज की एक इकाई है, व्यक्तियों के समूह से ही समाज का निर्माण ह¨ता है। समाज में रहने वाले व्यक्ति एक दूसरे के अच्छे असर बूरे क्रियाकलापों से प्रभावित होते रहते है, समाज में यदि कोई व्यक्ति दुव्र्यसन करता है और प्रष्नचिन्ह् लगाने पर यह दलील देता है कि-वे जो भी करते है अपने पैसों से करते है तो दूसरों को उन्हे रोकने का क्या हक है’! उनकी यह दलील उसी प्रकार ठीक नहीं है जिस प्रकार नाव में बैठने वाला व्यक्ति यदि यह कहे कि वह तो अपने स्थान पर जहाँ बैठा है छेद कर रहा है तो क्या उसके साथी उसे छेद करने देंगे? नहीं, क्योंकि वे जानते है कि यदि उसने छेद कर दिया तो पूरी नांव ही डूब जाएगी। इसी प्रकार समाज रूपी नांव में दुव्र्यसनो से यदि छेद ह¨ता रहेगा त¨ क्या सभी समाजजन देखते रहेंगे?


एक तरफ तम्बाकू का वैज्ञानिक विश्लेषण देखें तो पता चलता है कि तम्बाकू एक विशैला पौधा है उसमें निकोटिन, कोलतार कार्बन मोनो आक्साइड जैसे विशैले घातक तत्वों की यथेष्ट मात्रा रहती है इन विषों की थोड़ी सी मात्रा भी शरीर में एकत्रितहो जाए तो अनेक भयावह रोगों को जन्म दे-देती है, तम्बाकू उत्पादों का प्रयोग जानलेवा बिमारियों को आमंत्रित करने का सर्वथा सुलभ तरीका है तम्बाकू मनुष्य के स्वास्थ्य क्षेत्र का सबसे बड़ा आतंकवादी सिद्ध हो रहा है तो दूसरी तरफ तम्बाकू के कारण होने वाली राष्ट्रीय क्षति का आकलन करें तो लगभग 18000 करोड़ रूपये वार्षिक की तम्बाकू भारतवासी पी जाते है। तम्बाकू की इतनी अधिक खपत होने से उनके दाम भी खूब बढ़े है और इसी लालच में किसान अन्न तथा सब्जी के बजाय तम्बाकू की खेती करने लगे है। तम्बाकू की खेती, व्यापार सेवन विश्व के हर कोने में, हर देश में, हर समाज में गत 400 सालों से सामान्य सामाजिक जीवन एवं अर्थव्यवस्था का अंग रहा है। अफसॉस ! अधिकांश शिक्षित जन, तथा तम्बाकू उत्पादों के उपयोगकर्ता भी इस तथ्य से भलीभाँति परिचित है, परन्तु इस लत को छोड़ पाना इतना आसान नहीं है। आज स्थिति उल्टी है लोगों में दुर्व्यसनो से बचने की भावना के स्थान पर दुर्व्यसनो  की लत तेजी से बढ़ती जा रही है, यह कार्य फैशन की श्रेणी में आने लगा है।

विचारणीय प्रश्न यह है कि आखिर इन दुर्व्यसनो  का दायरा बढ़ता कैसे है? वे कौन सी परिस्थितियाँ है जिनमें व्यक्तिदुर्व्यसनो का शिकार होता है? इसका एकमात्र उत्तर है सोहबत ।सोहबत से ही व्यक्ति द्वारा व्यक्ति में यह हानिकारक प्रक्रिया प्रारंभ होती है। नई पीढ़ी में नशे की बढ़ती लत अत्यधिक चिंता का विषय है नवयुवक यह सोचे कि उन्हें कैसा जीवन जीना है- नशाखोर सा नारकीय या सज्जन सा सम्मानीय! मनुष्य यदि स्वयं अपनी मान-मर्यादा, ज्ञान-गरिमा और आत्म गॊरव के प्रति जागरूक हो और अपने जीवन का महत्व समझे तो दुर्व्यसन से दूर रहना सरल होगा । यह बात याद रखना परम आवश्यक है कि दुर्व्यसन जीवन का अभिषाप है और दुर्व्यसनी समाज का कोढ़।

विगत एक दशक में जो बड़े विश्वव्यापी परिवर्तन देखे जा रहे हैं उनमें एक है-स्वास्थ्य क्रांति। विश्वविद्यालय, मेडिकल एवं जन स्वास्थ्य संस्था में विश्वभर में जारी शोध कार्य ने मानव शरीर, उनके स्वस्थ जीवन शैली एवं पर्यावरण का स्वस्थ जीवन पर क्या प्रभाव होता है, आदि विषय पर समझ उल्लेखनीय स्तर तक बढ़ाई है। ‘स्वास्थ्य क्रांति’ की प्रेरणा से वैज्ञानिक खोज में गत 100 वर्षों  में स्वास्थ्य-सक्षम एवं शतायु जीवन प्राप्त करने की दिशा  में असंख्य अध्ययन हुए है, इसके अंतर्गत पड़ताल की गई कि विशेष समाज, देश या भोगोलिक स्थान के लोग अधिक संख्या में शतायु एवं सक्षम लोग क्या कहते है? स्वस्थ शतायु लोग क्या खाते है? कैसा स¨चते हैं, वहां का पर्यावरण क्या है आदि-आदि।

मानवता सदा ऋणी रहेंगी विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं वैज्ञानिक संस्थाअ की जिन्होंने जन-जन के  स्वास्थ्य एवं दीर्घायु पाने की विधियाँ एवं जीवन शैली का ज्ञान उपलब्ध कराया। यह विश्वव्यापी स्वास्थ्य क्रांति का ही प्रतिफल है कि दुनिया का आम आदमी यह समझ चुका है कि उत्तम स्वास्थ्य और  तम्बाकू पदार्थ का सेवन कभी भी एक साथ नहीं चल सकते। तम्बाकू के विरुद्ध नित नये म¨र्चे खुलते जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं सहयोगी संस्थाओन को  दिन-ब-दिन अधिक जन सहय¨ग मिल रहा है। फलस्वरूप तम्बाकू के विरूद्ध अंतिम विजय अनुमान से शीघ्रतर प्राप्त होने की आशा बन रही है।

Thursday, May 30, 2013

DPS Dwarka repeated history by securing 100% First division result!!!


Students of DPS Dwarka have once again secured sky rocketing scores in the CBSE Class XII Examinations 2013. The striking feature of the school result is that out of a total of 284 students who appeared for the examination, 38 students have secured above 95%, 138 students are above 90% and 236 above 80%. The school Average Aggregate is a whopping 87.38%.

The school toppers are Tanya Sood with 97.4% in Commerce Stream, Apoorv Sood who secured 97% in Science Stream and Yashasvini Dunga with 96.4%in Humanities Stream.

It is noteworthy that all the students have secured First Division and there is no failure and no compartment. The stupendous result reflects the perseverance, tenacity, and hardwork of the students and the faculty.

Students of DPS Dwarka have not only set high academic standards but have attained excellence in cocurricular activities as well. Our student Anunay Kulshrestha has bagged the prestigious Khemka Scholarship 2013 for pursuing higher studies at Stanford University. He was adjudged as the Canadian Young Scientist and was the proud recipient of the TIMES Scholarship. 
Ms. Sunita Tanwar, Principal

Ms. Sunita Tanwar, Principal DPS Dwarka in her message said “We at DPS Dwarka believe that excellence is not so much a battle you fight with others, but a battle you fight with yourself, by constantly raising the bar and invigorating yourself and your team. This success mantra inspires us to reach higher and motivates us to strive harder”


खेल संघों से राजनीतिज्ञों व व्यापारियों को बाहर निकालो


एस. एस. डोगरा

पिछले दिनों आईपीएल-6 में बीसीसीआई के अध्यक्ष श्रीनिवासन के दामाद की स्पॉट फिक्सिंग में लिप्तता से भारत वर्ष का नाम बदनाम हुआ। लेकिन हैरत की बात है कि वे अपनी कुर्सी को छोड़ने को तैयार नहीं है। वैसे भी, हमारे देश में राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खेल संघों पर तमाम राजनीतिज्ञ व व्यापारी ही कब्जा करें बैठे हैं। हालांकि इन्हे खेलों की कोई ठोस जानकारी भी नहीं है। इसी तरह भारतीय ओलिम्पिक संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी की घपलेबाजी ने सबको चौंका डाला था। उनका भी खेलों से कोई वास्ता नहीं था बल्कि उनको पद भी इसीलिए मिला हुआ था कि वे कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता थे बाकी कुछ नहीं। और तो और लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में लिप्तता के बावजूद भी बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बने बैठे है।


भारतीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश रेड्डी एक पुलिस अफसर तो भले ही रहें हों लेकिन हॉकी खेल से उनका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। आज हमारे राष्ट्रीय खेल हॉकी खेल की दयनीय स्थिति से भला कौन अनभिज्ञ है। रेड्डी साहब हॉकी के खेल को बढ़ावा देने में क्या योगदान दे सकते हैं। रेड्डी साहब पहले आंध्रा प्रदेश हॉकी संघ के अध्यक्ष तथा भारतीय हॉकी महासंघ के उपाध्यक्ष भले ही रहे हों लेकिन हॉकी के ऊथान्न में उन्होने कोई विशेष कदम नहीं उठाएँ हैं। महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यान चन्द की अगुवाई में ओलिम्पिक व हॉकी विश्व कप में उम्दा प्रदर्शन के बाद आज हॉकी का जनाजा निकल रहा है लेकिन किसी कोई सरोकार है ही नहीं। फिक्सरों व खिलाड़ियों पर तो तुरन्त कानूनी कारवाही कर दी जाती है, लेकिन इन घोटालेबाजों कोई सिकंजा कसा ही नहीं जाता है।

अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल पटेल भी भारतीय फुटबाल को लोकप्रिय बनाने में अभी तक तो नाकामयाब ही रहें है। हालांकि इंडियन फुटबाल लीग, क्रिकेट के आईपीएल से भी पुराना है लेकिन फुटबाल को चमकाने में, अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ कतई निकम्मा ही साबित हो रहा है। सन 1948 में भारतीय फुटबाल टीम को ओलिम्पिक खेलने का मौका अवशय मिला था लेकिन देश की आजादी के बाद से लेकर आज तक किसी भी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगियों में हिस्सा लेने की तो बात ही छोड़िए आज तक हमारी फुटबाल टीम एशियाई खेलों तक में हिम्मत नहीं जुटा पाई है।

यदि हम भारतीय ओलिम्पिक इतिहास पर नजर डाले तो पिछले वर्ष लंदन ओलिम्पिक में छ: पदक जरूर हासिल किए। लेकिन इससे पहले भारत द्वारा 112 वर्षों के ओलिम्पिक खेलों में मात्र 20 पदक जुटाने में कामयाब हुआ हैं, जिनमें ग्यारह पदक हॉकी में तथा 9 व्यक्तिगत रूप से अर्जित पदक है जबकि सन 2008 में मात्र पहली बार शूटर अभिनव बिंद्रा ने स्वर्ण पदक जीता। इसी तरह एशियाई खेलों, कोममोनवेल्थ खेलों में भी कोई उल्लेखनीय प्रदर्शन करने में ज्यादा सफलता नहीं मिली है।

हालांकि पिछले दिनों युवा खेल मंत्री जितेन्द्र सिंह ने देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को खेलों के विकास के लिए दो दिनों का सम्मेललन भी किया था। इसके क्या सुखद परिणाम निकलने वाले हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा। क्या फ्लाइंग सिक्ख मिल्खा सिंह, तैराक खजान सिंह, धावक पी. टी. उषा, टेनिस खिलाड़ी विजय कृषणन, बिलियर्ड खिलाड़ी माइकल फ़रेरा, बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण, पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी कपिल देव/सुनील गावस्कर, पहलवान महाबली सतपाल, निशानेबाज अभिनव बिंद्रा, शतरंज के बादशाह-विश्वनाथ आनन्द, भारतोलक-कर्णम मल्लेश्वरी जैसे अनेक भारतीय खिलाड़ियों की सेवाएँ नहीं लेनी चाहिए जिन्होने अपने-अपने खेल में उल्लेखनीय योगदान की बदौलत देश ही नहीं विदेशों में भी भारतवर्ष का नाम गर्व से ऊंचा किया, उन्हे ऐसे सम्मेल्लन में भुला देना चाहिए। लेकिन क्या भारतीय ओलिम्पिक संघ, सरकार व खेल मन्त्राल्य को जरूरी कदम नहीं उठाने चाहिए ताकि भारत का भी खेलों में विश्व स्तर पर नाम रोशन करने की क्षमता पैदा हो सके। खेलों के उत्थान के लिए पूर्व खिलाड़ियों की खेल संघो, कमेटियों व विकासशील नीतियाँ निर्धारण करने में विशेष भागीदारी का प्रावधान रखना चाहिए। इस देश की भी अजीब विडम्बना है कि कुछ क्रिकेट खिलाड़ियों को सांसद बनने का मौका मिला जिनमे पहले चेतन चौहान, कीर्ति आज़ाद, मोहम्मद अजहरुद्दीन व नवजोत सिंह सिद्धू, लेकिन ये खेलों के विकास के लिए बिलकुल नकारे साबित हुए। परन्तु राज्यसभा में मनोनीत हुए सचिन तेंदुलकर से खेल प्रेमियों को बहुत आशाएँ बंधी हैं। वैसे क्रिकेट के मैदान में धूम मचाने वाले मास्टर ब्लास्टर संसद की विकेट पर कैसी पारी खेलते हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा। गौरतलब है कि सचिन क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी सम्मान दृष्टि से देखते हैं। एकदिवसीय और अब आईपीएल से सन्यास लेने के जल्द ही टेस्ट से भी जल्द ही विदा होने के बाद खेलों के विकास के लिए क्या अहम भूमिका निभा पाते हैं। वे राजनैतिक पारी को बखूबी खेलने में कितने खरे उतरते हैं ये तमाम सवाल हर खेल प्रेमी के मन में उठ रहा है।

जबकि अन्य खेल संघों में भी राजनीतिज्ञों व व्यापारियों का ही बोलबाला है जो वास्तव खेल विशेष में कोई गूढ जानकारी नहीं रखते हैं और ना कभी खेलों में विशेष रुचि रखते हैं। बावजूद इसके, खेल संघों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। आज हमारे पड़ोसी देशो विशेष रूप से दक्षिण कोरिया, चीन, जापान, मलेशिया आदि ने थोड़े से ही समय में कितनी तरक्की करी है उसके पीछे एक सोच है खेल जगत में नाम कमाने का जोश, खेल नीतियाँ-विशेषकर आर्थिक रूप से कमज़ोर परंतु प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएँ कारगार साबित हो रहीं हैं। हमें भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए, और सकारत्मक कदम उठाने होंगे, खुली मानसिकता से काम लेना होगा केवल तभी हमारे देश के खेल व खिलाड़ियों का उद्धार हो सकेगा। स्कूल-कालेजो में खेलों के लिए विकासकारी योजनाएँ तुरन्त लागू करनी होगी अन्यथा हमें खेलों में यूही शर्मशार होना पड़ेगा।

Profit From Dishonesty - Merely An Illusion

Pt. Shriram Sharma Acharya
Those who accept dishonesty as dignified, and adopt it to be their ideal, are failing to analyze the situation in a thorough enough manner. They are disillusioned. The truth is that money simply cannot be earned by dishonest means. Even when we do acquire some wealth temporarily, the wealth can not stay permanent and really be ours. True living can only be earned through courage, wisdom, discipline, dexterity, and skillfulness. Dishonest earnings through inappropriate means lead to results that are not only unstable but that are also eventually painful. There might be temporary escape from direct punishment, but eventually, in the long term, dishonesty invariably leads to public anger, outrage, hate, isolation, and sadness. In practice, deceit and corruption must be sugar coated with a fake layer of honesty for it to work. Conning does require establishing trust and confidence. If any suspicion arises, the person being conned is likely to jump out of the trap. Once proven guilty, the con man loses credibility forever and ends up bearing more eventual losses than profits. There could be scores of everyday examples where the people who are caught bribing, cheating, evading tax, doing back marketing, and illegally hoarding not only get severely punished by the law but they also loose their social status and prestige. Once their deeds become public, everyone starts hating them.

Inspirational letter from Dwarka Parichay to Ankit Saini - topper of Govt. Schools



Wednesday, May 29, 2013

Letter to Editor



Dear Editor

I am surprised that you figured out Ankit's (CBSE Topper from Government School) photo on Dwarka Parichay. All along I am under the impression that the portal is meant only for Shop Keepers.Property dealers, wheeler-dealers and unscrupulous Doctors and Advocates of Dwarka. I thought this time also taking advantage of the CBSE results, you would have figured some students of private schools and allowed some tution centres to take advantage out of it by giving some money to the toppers and get exclusive right to sell his name in wall post/portals and umpteen magazines being circulated in Dwarka.

My point is wherever he or she studies, not necessarily in some of the costly private schools in Dwarka, i.f one is bent upon scoring well, one can do it. The recent results show that even boys and girls from Government Schools can top the list. In Chennai, children of fishermen, hawkers, stall owners selling idly and dosa in rickshaw outshone boys from the elite Private Schools.

Well done.Keep it up. Publish more and more news about what is happening in Dwarka touching common interest and not the so called melas and cultural events patronised by the so called business community and politicians only with a view to further their interests.

Thanks
Raghuraman
email: raghuraman99@hotmail.com

Realizing the goal of water for life-Two days Internation conference in NLU.


National Law University Delhi in partnership with Lewis and Clark Law School, Portland, Oregon, USA is organizing an international conference titled, “Realizing the goal of water for life: Lessons from around the world” at the National Law University Delhi campus on the 30th and 31st of May, 2013. The conference is an attempt at bringing together renowned academicians and researchers from countries like USA, Brazil, UK, South Africa and India to discuss pertinent issues related to transboundary water conflicts and access to clean water. There are academicians from institutions like Harvard Law School, Oregon State University, University of Idaho and Lewis & Clark Law School in USA, University of Kwazulu-Natal in South Africa, University of London and Mackenzie University, Brazil besides lawyers and activists specializing in the area of Water Law who would be speaking at the two-day conference. Mr. Nawneet Vibhaw, Assistant Professor of Law at National Law University Delhi and an alumnus of Lewis & Clark Law School, USA mentioned that The United Nations General Assembly has proclaimed the period 2005-2015 as the International Decade for Action ‘Water for Life’. Therefore it becomes all the more important for nations to discuss and deliberate over the water-related challenges that we are all facing so that we come up with solutions which would help us solve the impending water crisis.

Ankit Saini felicitated by SDWS


Ankit Saini-who is topper in Govt. School feliciated by Social Development Welfare Society (Regd.NGO). 


On this occasion, Sh.Naresh Lamba-chairman of SDWS, Sh.Suresh Chandra Yadav-Dy.Commissioner-South Delhi Municipal Corporation, Sh.C.S. Yadav-Education officer, Sh.Netrapal-Principal-Shahpur, Sh.S.K.Singh-Principal,Govt.School,Sec-2, Dwarka were present. 



Dwarka Parichay also rewarded Ankit & his family with a cheque of Rs.1,100/- and an inspirational letter.

Read more about Ankit Saini , Click link:  Topper of Delhi Govt. Schools

Sachin Tendulkar expects India to qualify for 2022 FIFA World Cup

Sachin Tendulkar on Tuesday, expressed hope that India's football team will qualify for the FIFA World Cup in 2022 to be held in Qatar.

"I know in 2022 there is something really big happening for Indian football. I hope India qualifies for that World Cup. That is something that should be your target and your senior players will guide you. Just follow their steps and chase your dreams," Tendulkar said at the Father Agnel School ground in Navi Mumbai.

Tendulkar spoke these encouraging words at the presentation function of the Coca-Cola Cup (National under-15 sub junior football tournament) final between Meghalaya and Orissa which the former won 1-0. The Indian cricket great also advised youngsters to be passionate about football.

"A simple advice I can give you is be passionate about the sport. Fall madly in love with the sport and that will allow you to work harder. Have dream and chase them. Dreams will come true," were maestro's words of wisdom for the kids.

"Passion, yes I was able to achieve all these things. I was madly in love with cricket. Still am madly in love with cricket. Also the support and love I have received from all the people that has been my strength. It has allowed me to move out and give my best.

"The right platform was set for me to go out and perform. A big thank you to all the people who have supported me for the last 23 years I have played," he added. Tendulkar also asked runners-up Odisha team not to lose hope. Ronald Kydon Lyngdoh of Meghalaya scored the winning goal for his side in the first half and was named the player of the match.

The Dramatics Event at NLU


The students staged four plays in an evening dubbed as Dionysia the Drama Fest in the National Law University Delhi, Sector 14, Dwarka Auditorium. Justice Gita Mittal of the Delhi High Court was the chief guest, and a number of literary figures including Dr. Ashok Luv and Mr. P.B. Mishra also graced the event. Dr. Ranbir Singh, the Vice Chancellor appreciated the efforts of the students and encouraged them to come up with more such programmes.


The themes revolved around the questions of justice, society and law. Dr. Prasannanshu who teaches English at NLUD and who was the organizer of the event says that literature cannot be read, it has to be lived and according to him the event was just an application of this principle. He said that greatest achievement was that all that students of the first year took part in the event in one role or the other.

The evening melted into the night brimming with humour, music, and endeavouring to deliver an important message to the legal fraternity amidst great joy and fervour.

Rajan Verma Performed at Water Kingdom 15th anniversary

Abhishek Dubey

Water Kingdom is celebrating its 15th anniversary where a huge crowd gathered to see Rajan Verma and Hrishita Bhatt grand Performance at the wave’s pool of the famous water park. Rajan Verma was seen shaking legs on his latest release Zindagi 50:50 movie song and was entertaining the visitors with his dancing skills. The music was later taken over by DJ Suketu, who played foot tapping music whose volume gradually increased during the number. The crowd gathered at the pool, filling it beyond its capacity, was delighted to have a glimpse of Verma.
Rajan Verma with Hrishita Bhatt & Supriya Kumar at WaterKingdom
Rajan Verma Said, “its nice picnic spot place in Mumbai. When I was a small kid I love to come here to enjoy my childhood. Today I came here to promote my movie Zindagi 50:50 which is running very successfully in all the theatres. I am happy that my movie is getting positive response from audience and they love it.”

Rajan Verma and Hrishita Bhatt performances spurred an extremely energetic atmosphere. The event was a full-on Bollywood extravaganza indeed. The Visitors was Enjoyed the thrilling Rides and Witness some of the Most Glamorous and Electrifying Celebrities Live Performance.

Congratulations to Toppers of Mount Carmel School




Dr. Neena M. Williams 
Principal
Kavya Jain- Science- 96.2 %
Niharika Sethi- Commerce - 96.2 %
Shreya Bali- Humanities - 94.2 %

Summary
* 11 above 95% (aggregate of All 5)
* 58 above 90% (aggregate of All 5)
* 185 out of 194 scored above 60% (Aggregate of all 5)


Next Trial for Delhi L’il Cricket League-2013 in Dwarka Sports Complex on 8th June

IPL-6 Winning team
The next selection round would take place at DDA Sports Complex, Sector-11, Dwarka. To get better selection out of Delhi there are five trials will be held in Delhi and one trial each will be held in NCR i.e; Gurgaon, Noida, Bahadurgarh, Ghaziabad and Fridabad etc. This initiative step for upcoming cricketing generation is taken by Human Research and Development (Registered) (HRDO)-NGO who has successfully organized DLCL in 2011 and 2012 also. It looks a best platform for the budding cricketers to show their talent in front of national & international reputed players & coaches.
According to Mr. Ganesh Dutt-Chairman of HRDO, “We will select 16 teams for U-19 & eight teams for U-14 age group. On 2nd October, with a grand opening ceremony at Talkatora Stadium, the tournament will start and final match will be palyed at Air Force Cricket ground, Palam. On 14th November, we will felicitate the outstanding players of the tournament in a grand closing ceremony”.
This T20 overs tournament ( DLCL) has got recognition from Indian Premier Corporate League (Indian Twenty20 Cricket Federation (ITCF) approved by Ministry of Sports & Youth Affairs - Government of India.

For more information contact: Ganesh Dutt - Chairman (Mobile: 9718753188)

For trial schedule pls. click the following link:
http://hrdo.in/DLCL/Match%20Schedule.pdf

on facebook DLCL

Tuesday, May 28, 2013

The pride of Paramount International School


Apoorva Gupta the school topper (Commerce) brought laurels to the school by scoring a whooping score of 97.2% in class XII board exams.

Mrs R.L. Saroha, MD
Apoorva, a down to earth girl with a brilliant foresight is meticulous in her approach. She has always been focused and systematic. Her readiness to accept the latest changes in the syllabus are really praiseworthy. She possesses a numerical aptitude and a special ability to decipher indirect questions. Her success mantra lies in following proper time management, regular practice schedules and taking care of all the do’s and don’ts.

Anjali Sharma, the Science topper (95%) of the school has a scientific approach towards studies. She is very quick in calculations and systematic in her study plan. Her sincerity and hard work paved the way to this success.

Shalini Mohan Pandey, the Humanities topper (86%) is a plain Jane. A very sincere and dedicated student, her regularity and punctuality have paid off in full. Her logical reasoning and mapping skills (Geography) bore rich fruits.

Kudos to the Super Achievers!!

Commendable Achievement in Class XII Board Results (2012-13) by R.D.Rajpal School



Ms Alka Kshatriya-Principal
The Academic session did start auspiciously with class XII Board Results. As always, an impressive 100% pass result with no second division has been a feather on the cap for the institution. The school topper is Krishna Jha with a score of 94.2% in the science stream. Manish Jain made us proud with 94%. Shubham Chaudhary too had an outstanding score of 92.4%. Kuldeep scored 92% while Harshit Tyagi scored 90.8%. 55% students of class XII scored above 80% marks. The sheer grit and determination of the management, staff and students have proved the point that hard work pays.

“DCBA working for the ultimate welfare of the advocates & Public.” Says P.S. Singh


Judicial system plays a very important role in the development of a nation. In the modern times, people have utmost faith and respect for judiciary. Although, in some cases, there are long delays in delivery of justice. Still, the people approach Judiciary as a ray of hope. Yes, Advocate P.S.Singh who is an Honorary Secretary of District Court Bar Association, Dwarka, in an exclusive interview with our Chief Editor Siddhesh Roy, he shared his views. Excerpts: 

Advocate P.S.Singh
Q.What is the objective of DCBA Dwarka? 
Ans. We want to make our citizens to repose faith in the strength of our legal system. We strongly feel that our Association should stand as guard to protect our moral, ethical & professional values towards achieving our goals.

Q. What is the vision of DCBA?
Ans.
The Vision of the Association is "an empowered lawyers' community can contribute towards the establishment of just and equitable society". The members of DCBA believe in core values, like Respect, Integrity, Empathy, Commitment, Justness, and last but not the least the Excellence which has strengthened the functioning of DCBA Dwarka.

Q. How many members are there in your association?
Ans.
Our Association is growing rapidly. At present, we have more than five thousand five hundred members in our association and continuing.

Q. Who are the Office bearers of DCBA Dwarka?
Ans.
Sh. Naresh C.Sharma- President, Sh. Y.P.Singh- Vice-President, Sh. P.S.Singh - Hony. Secretary, Ms. Anjul Sharma- Treasurer, Sh. Karan Veer Tyagi – Additional Secretary, Sh. Lalit Kataria-Member Library Incharge, Ms.Meenu Sharma lady Executive Member, Sh. Hemant Verma- Executive Member, Sh. Lokesh Sehrawat-Executive Member, Sh.Amit Chauhan & Sh. Harsh Vardhan Tyagi-Executive Member & Mr. Chander Kant Sharma is the office incharge of our association.

Q. What are your expectations & commitments towards new/ upcoming lawyers?
Ans.
Our Association is deeply concerned towards training /guidance for the freshers in this profession, for example how to present their cases, how to conduct themselves before the client and how to interact with the Senior members of the Bar. We are also fighting for the development and welfare of the advocates who are associated with us. We are even concerned for the convenience of the public to get justice near their door means in Dwarka Court.

Q. What is the major facilities available in Dwarka Court?
Ans.
Dwarka Court is the most High Tech District court in India. This complex is fitted with Central Air-conditioning with 100% power back-up. The chambers block has other facilities like separate canteen for lawyers and clients on ground floor as well as on the first floor, space for Bank, Poly Clinic, Parking facilities in court premises & outside the court, Post Office, Treasury, Typing Pool, Notary and Oath Commissioner, Stationery Shop, huge library for the advocates, Bar Association office, separate Bar Room for lady advocates and also 3 common bar rooms for those advocates who may not have chambers, judicial lockup for the under trials and police post. This block has Cyber Café, ATM, STD and ISD facilities.

Q. How are you coordinating with the locals of Dwarka Sub-city?
Ans. We invite several high dignitaries and social activists to enlighten the members of the Bar. Besides this, we have also been inviting local RWAs, various Associations, NGOs and the dignified members of the society to join us and discuss the matters of public interest.

To join DCBA, Dwarka, contact - 9810282890 

Source: Dwarka Parichay News & information services

Pragati Public School achievers



Nikita Sangwan 100% in economics, Science stream Udit Kadiyan 94.2% , Nishi 93.% , Commerce Mohsin Khan 92% , Humanities- Shyamli Shekhar 88.6%

Topper of Delhi Govt. Schools


Ankit Saini S/o Sh. Chander Mohan Saini & Mrs. Mamta has created history in the Senior Secondary Board Examination, 2013, got the first position in the entire Delhi Govt. School. He got 487 marks out of 500. He is from Commerce steam and appeared from Rajkiya Pratibha Vikas Vidhaylya, Sec.10 Dwarka. His score (subject wise is as follows: Tomorrow, Ankit will felicitated publically by Social Development Welfare Society, Dwarka, Sec.7 for his brilliant academy result.

Economics 100
Accountancy 99
Maths 98
English 95
Bussiness Studies 95

Dear Principal/Parents/Students, you can also share your achievements with us. But you are advised to send the mark sheet (duly attested by the Principal) with photo of the student (preferably in the school dress) immediately to our registered office address: 

Dwarka Parichay Pvt. Ltd.
301, Plot No.-9, Vikas Surya Galaxy, 
Sector-4, Central Market, Dwarka,
New Delhi-110075

E-mail: info@dwarkaparichay.com 

or email through your school’s official email id. We’ll publish them in our portal & in our Newspaper also. So don’t wait hurry up.

सी बी एस सी द्वारा घोषित बारहवीं के वार्षिक परीक्षा परिणामों में वंदना इंटरनेशनल सी. सै. स्कूल का शानदार प्रदर्शन


Sh. V.P. Tandon, Chairman
सी बी एस सी द्वारा घोषित बारहवीं के वार्षिक परीक्षा परिणामों में वंदना इंटरनेशनल सी. सै. स्कूल सेक्टर - १० , द्वारका के छात्र / छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया. विज्ञान वर्ग में कृति भाकुनी (९६% ), चिराग राठी (९६% ) , विक्रम खत्री (९६% ) , वाई अपुरूपा (९५% ) व अनिल सोनी (९५ % ) ने अपनी सराहनीय सफलता से विद्यालय की श्रेष्ठता को एक बार पुनः सिद्ध किया. वाणिज्य वर्ग में शिखा सिंगरोहा व अभिनव लूथरा ने ( ९२% ) अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान पर रहे, दीक्षा चौहान ने (९१%) अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया. कला वर्ग में प्रीति रानी (९५% ) व वैशाली सिंह (९१%) ने अपनी उपलब्धियों से विद्यालय की प्रतिष्ठा को बनाये रखा.

Monday, May 27, 2013

The shining star- Krishna Jha topper of R.D.Rajpal Public School


Krishna Jha s/o Sh.Naveen Jha & Smt.Rita Jha of R.D.Rajpal Public School produced excellent result in Senior Secondary Board Examination, 2013 with non-medical stream. His marks in different subjects are as follows:



Maths 92
Physics 95
Chemistry 95
English 95
C++ 94

Dear Principal/Parents/Students, you can also share your achievements with us. But you are advised to send the mark sheet (duly attested by the Principal) with photo of the student (preferably in the school dress) immediately to our registered office address: 


Dwarka Parichay Pvt. Ltd.
301, Plot No.-9, Vikas Surya Galaxy, 
Sector-4, Central Market, Dwarka,
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AIFF's Emergency Committee meets in New Delhi


AIFF Media Team

The President of the All India Football Federation (AIFF) Mr. Praful Patel Chaired the AIFF Emergency Committee Meeting at Udyog Bhawan in the Capital on May 27 (Monday). Besides, AIFF General Secretary Mr. Kushal Das and Senior Vice-President Mr. Subrata Dutta, Vice-Presidents Mr. Shrinivas Dempo, Mr. Larsing Sawyan, AIFF Treasurer Mr. Hardev Jadeja and I-League Chairman AR Khaleel also attended the meeting. The Committee unanimously decided on the following points:

Mr. Praful Patel in the AIFF Emergency Committee Meeting at Udyog Bhawan

The Emergency Committee ratified the decision of the Bid Evaluation Committee to provisionally clear JSW (to be based in Bangalore) and Mumbai Tigers (to be based in Mumbai) to play in the 2013-14 edition of the I-League.

As regards the bid from the Consortium from Kerala, certain clarifications have been sought, post which a decision would be taken.

Queens Park Rangers have given a tentative proposal to participate in the I-League from 2014-15 onwards after fulfilling all the criteria and Standards as required.

The 2013-14 I-League season which will kick-off in August 2013 will be divided as per the Conference Model, the Eastern Conference and Western Conference. The top-four from each Conference would advance to play the final round.

Every Club playing in the I-League will have to abide by the Indian Club Licensing Criteria, the failure of which they would not be allowed to participate in the League.

Each I-League Club would be allowed to register a maximum 30 players out of which a minimum five would be required to be U-23 Players. Minimum two U-23 players need to be in the Final 18 and at least one in the Final Playing XI.

The Committee also set up a deadline for existing I-League Clubs by which the existing Clubs would have to start constructing their own Stadium/refurbish an existing Stadium latest by June 1, 2015, the failure of which the defaulters would be axed from the League.

One Club barring JSW and Mumbai Tigers would be relegated from the 2013-14 edition of the I-League and they would be replaced by a promoted Club from the 2nd Division League.

The participating fee for existing Clubs for the I-League has been increased from Rs. 50,000 to Rs. 500,000.

For the 2013-14 edition of the I-League, the Committee decided to increase the number of Foreign Recruits to four. Every Club would be allowed to register four Foreign Recruits (3+1) and play all of them.

The Second Division League will have a qualifying round and the Clubs would require to pay for their travel and stay. However, the expenses for the Final Phase would be borne by AIFF.

The Club Licensing Criteria would be applicable to the 2nd Division League as well.

There would be a participating fee of Rs. 100,000 for all participating Clubs in the 2nd Division League.

Every Club would be allowed to field one Foreign Recruit in the 2nd Division League.

The age-limit for the U-20 Tournament for I-League Clubs have been brought down to U-19. All the Clubs would be required to field Teams in the U-19 Tournament. Besides, AIFF Academies and Private Academies would also be a part of the U-19 Tournament. It’s also mandatory for all the 2nd Division League Clubs to field a Team in the Tournament.

All teams playing in the U-19 Tournament would have to bear the cost of travel and stay for the Regional Rounds. However, the AIFF will bear the expenses for the final phase.

It was decided that there would a Cap of maximum of five teams from any particular City in I-League and 2nd Division put together. The Teams would have to qualify based on the performance in the local Leagues. If additional Teams from Goa and Kolkata qualify in subsequent editions, those particular Teams have to relocate and play in a different venue subject to approval of AIFF/I-League.

By the 2015-16 season onwards, not more than two teams from any particular venue/city would be allowed to play in the I-League except for Kolkata and Goa where not more than three would be allowed keeping in mind their historical contribution to Football.

Besides, all Clubs participating in any State Association League would be allowed to register and field two Foreign Recruits in a match.

The Committee decided to change the format of the Federation Cup. The next edition will be played on a Home and Away basis on a knock-out system including the semifinals. The Champions will earn the right to host the following edition’s Final match.

The Committee endorsed the idea of creating a database of all registered Football Players in the Country.

It was also unanimously decided to make amendments to the AIFF Constitution as per the Directives of the Ministry of Sports and Youth Affairs in regard to age and tenure.

The Committee felt that a discussion should be initiated with Pailan Group.

Meanwhile, AIFF’s Marketing Partners IMG-R made a presentation regarding the newly proposed League which kicks-off in January 2014.

‘जी, भाई साहब ‘

अशोक लव
email: kumar1641@gmail.com

"बस अब कविता- कहानी सब छूट गया है
घुटनों का दर्द बढ़ गया है
तुम्हारी भाभी ने आम का जो पेड़ लगाया था
वह तेज़ आँधी से उखड़ गया है।
वह तो चली गई
कई बरस हो गए
आम का पेड़ देखकर
फल खाकर
अच्छा लगता था
अब
और सन्नाटा पसर गया है।

इधर पानी एक बूँद नहीं पड़ा है
एकदम सूखा पड़ गया है
लोग भूखे प्यासे मर रहे हैं
नक्सली और मार रहे हैं
नेता लोग सब क्या करेंगे?

यहाँ तो एक-एक मिनिस्टर भ्रष्ट है
सी बी आई के छापे पड़े हैं
कई मिनिस्टर छिप-छिपा रहे हैं
खिला-विला देंगे
सब केस बंद हो जाएँगे।

दिखना कम हो गया है
अब पढ़ना - पढ़ाना छूटता जा रहा है।
तुम्हारी कविता वाली पुस्तक मिल गई है
समीक्षा भी लिख देंगे
एक लड़की आती है
पी एच डी कर रही है
बोल-बोलकर उससे लिखवा देंगे।

बाकी सब क्या कहें
कविता लिखना अलग बात है
ज़िंदगी जीना अलग बात है। "

और उन्होंने फ़ोन रख दिया।

भारत विकास परिषद् दिल्ली प्रदेश उत्तर का दायित्व गहण समारोह सम्पन्न


 भारत विकास परिषद् दिल्ली प्रदेश उत्तर द्वारा भारत विकास भवन, पीतमपुरा मे ‘कार्यशाला एवं दायित्व ग्र्रहण समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता भा.वि.प. दिल्ली प्रदेश उत्तर के अध्यक्ष श्री राजकुमार जैन ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भा.वि.प. के राष्ट्रीय महामंत्री श्री एस.के.वध्वा, मुख्यवक्ता के रूप में भा.वि.प. के राष्ट्रीय वित्तमंत्री डॉ. कन्हैया लाल गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि के तौर पर पूर्व महापौर व भा.वि.प. दिल्ली प्रदेश उत्तर के मुख्य संरक्षक श्री महेश चन्द्र शर्मा तथा भा.वि.प. के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री भूपेन्द्र मोहन भण्डारी उपस्थित हुए।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि श्री एस.के.बध्वा ने भा.वि.प. दिल्ली प्रदेश उत्तर के लगातार तीसरी बार निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्ष श्री राजकुमार जैन, महासचिव श्री संजीव मिगलानी एवं कोषाध्यक्ष श्री बी.बी.दिवान को दायित्व ग्रहण कराया। अपने संबोधन में श्री एस.के.वध्वा ने दरिद्र नारायण की सेवा करने की प्रेरणा देने वाले स्वामी विवेकानंद जी को जन-जन का देव बताते हुए उनके जीवन आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता डॉ. कन्हैया लाल गुप्ता ने भा.वि.प. के पंच मूलमंत्रो में संपर्क को आधार बताते हुए परिषद् की गतिविधियों एवं परिकल्पना पर विस्तृत प्रकाश डाला। श्री महेश चन्द्र शर्मा ने स्वस्थ, समर्थ एवं संस्कारित भारत के निर्माण के लिए परिषद् के संस्कार एवं सेवाभावी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने की सीख दी।

भा.वि.प. दिल्ली प्रदेश उत्तर के अध्यक्ष श्री राजकुमार जैन ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष एवं गौरव की बात है कि हम अपने आदर्श महापुरुष स्वामी विवेकानंद जी की उत्तर शताब्दी (150वर्ष) एवं भारत विकास परिषद् की स्वर्ण जयंती (50वर्ष) मना रहे हैं। इस वर्ष हम सभी अलग-अलग तरीके से राष्ट्र-समाज के उत्थान में जुटे हुए हैं। भारत विकास परिषद् “वसुधैव कुटुम्बकम” के सिद्धांत पर कार्य करने वाली अराजनैतिक संगठन है। अतः हमें मनभेद, मतभेद एवं षणयंत्र की बजाय संगठित, समर्पित एवं सच्चे दिल से कार्य करना चाहिए। श्री जैन ने कहा कि वर्तमान समय में सेवा एवं संस्कार कार्यक्रमों की अत्यंत आवश्यकता है। अतः हमें इस इस पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके माध्यम से भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को अगली पीढ़ी तक ले जाएं।

मंच का संचालन कर रहे भा.वि.प. दिल्ली प्रदेश उत्तर के महासचिव श्री संजीव मिगलानी ने परिषद की कार्य प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं में भा.वि.प. राष्ट्रीय मंत्री (पर्यावरण) श्री रमेश गोयल ,जोन चेयरमैन श्री मदन मलिक आदि शामिल थे। समारोह के दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती रश्मि गोयला एवं श्री जोगी राम जैन, अति. महासचिव श्री सुरेन्द्र मोहन लाम्बा, संगठन सचिव श्री बृजेश मांगलिक, अति. संगठन सचिव श्रीमती वन्दना गुप्ता, श्री वी.एस. भटनागर व श्री हजारी मल गुप्ता, उपाध्यक्ष श्री सुभाष चन्द गुप्ता, सचिव श्री के.के.शर्मा, श्रीमती ऋतु गोयल, डा.राकेश कुमार गर्ग एवं श्री बृजेश गुप्ता, महिला सहभागिता समिति संयोजिका श्रीमती कविता अग्रवाल, विस्तार व जनसम्पर्क समिति संयोजक श्री बिशन स्वरूप गर्ग, योग व प्राकृतिक चिकित्सा समिति संयोजक डा.बी.बी. गोयल एवं मीडिया एवं पी.आर. समिति के सह-संयोजक श्री शिवम छाबड़ा सहित विभिन्न प्रकल्पों से जुड़े अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

CONGRATULATIONS CBSE toppers 2013


Kind Attn.
The Principal, School 

Parents


Send brief ( with photo) of TOPPERS in each subject in your School in CBSE 2013 results ( Class X & XII). 

This will be published (Digital-portal  & Print media-newspaper) & reach our members through out the WORLD. This will help Brand your school name GLOBALLY.

Send detail of TOPPERS with Message/ photo of  The Principal to:


E-mail: info@dwarkaparichay.com 
Click for TOPPERS in year 2011 , Year 2012 - Proud of Students...


MANY MANY HAPPY RETURNS OF THE DAY-RAVI


Today is Ravi Shastri's Birthday. He started his career as Left arm orthodox bowler under the captainship of great Indian batsman Sunil Gavaskar in Newzeland on 21st Feb.1981. After that he established himself as brilliant batsman. He also hit six sixers in one over of Tilak Raj in a Ranji Trophy match. At time, he was the second batsman of the world after Sir Garfild Sobbers who hit the same no. of sixers on Malcom Nash in a county match. In the year 1985, India won the Champions Trophy played in Australia. He won "Champion of Champions" award and Audi Car and the first who brought such an expensive car at that time. He played 80 Test Match & 150 ODI during his cricketing career.

Good luck for your results in CBSE

Good luck for your results in CBSE.

Hope for the best career in your life.

Life is precious, explore it. Never feel depressed.

Be positive and look forward in life.
U r the FUTURE of our INDIA

To know the result visit:
http://www.results.nic.in/
http://www.cbseresults.nic.in/
http://www.cbse.nic.in/

National Informatics Centre: 011- 24300699

*********Call: ********SMS "CBSE12(Roll No)" to
MTNL : 28127030, ****** 52001
BSNL : 1255536 ******** 57766
Idea : 55456068, ****** 55456068
Vodaphone - 56735 ****** 56735
Tata - 54321223 ******** 54321
Reliance - 525242411 ***** 51234
Videocon - 5303052 ******50000
Airtel - 5207011  ******5207011

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Sunday, May 26, 2013

B.P.A. blessed the newly couple


On Sunday, 26th; May, Blind Persons Association(Regd.) organized the marriage of Pompi with Sulabh Aggrawal. The marriage was held in the campus of Global Convent Senior Secondary School in front of Pocket-A, Phase-2, Sector-13, Dwarka.


The Blind Persons Association(Regd.) is an NGO working for the welfare of the visually disable persons. According to Mr.Anil Kumar Verma-President- B.P.A., "The association is actively doing remarkably for the welfare of the blind and taking care of education and providing hostel and lodging facilities to the blind girls." Hundreds of people from different parts of the city and NCR attended the marriage and showered their blessings to the newly wed couple .

उत्तम नगर स्थित नजफगढ़ रोड़ पर ट्रैफिक जाम व जल-भराव से छुटकारा मिलेगा - मुकेश शर्मा


 दिल्ली की मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव व कांग्रेस विधायक दल के प्रवक्ता वरिष्ठ विधायक श्री मुकेश शर्मा ने कहा है कि दिल्ली सरकार के पी.डब्ल्यू.डी. विभाग द्वारा नजफगढ़ रोड़ पर विश्वस्तरीय मानकों से बनाई जा रही बाक्स ड्रेन व सड़क को सीमेंट कंकरीट से बनाने का कार्य पूरा हो जाने के बाद, हमेशा के लिए नजफगढ़ रोड़ पर ट्रैफिक जाम व बरसात में जल-भराव की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जायेगी । इसके अलावा नजफगढ रोड़ पर स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है । श्री शर्मा आज नवादा वार्ड के ओम विहार फेस 1 से 4 कालोनी में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा डाले जाने वाली आन्तरिक सीवर लाईन डालने के कार्य के शुभारम्भ के मौके पर शिवशंकर रोड़ पर आयाजित एक बड़ी जनसभा को सम्बोन्धित कर रहे थे। जनसभा की अध्यक्षता दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री दीपक राठी ने की । ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व नजफगढ़ रोड़ के रख-रखाव का काम दिल्ली नगर निगम के पास था ।

ओम विहार कालोनी में इस मौके पर श्री मुकेश शर्मा का कई जगह लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया और उन्होंने इस मौके पर स्थानीय नागरिकों के साथ पदयात्रा भी की । जनसभा में भारी संख्या में सभी वर्गों के लोग मौजूद थे । जनसभा में पारित प्रस्ताव में माँग की गई कि ओम विहार कालोनी में शिवशंकर रोड़ पर पड़ी खाली जमीन का अधिग्रहण करके वहाँ दिल्ली सरकार स्कूल व सरकारी बारातघर का निर्माण कराए । इसके अलावा एक अन्य प्रस्ताव में यह माँग भी की गई कि ओम विहार फेस-1ए व फेस-2 के बीच में जिन लोगों ने गुन्डागर्दी के दम पर गलियों व सड़कों को बन्द कर रखा है, उनको खोला जाए ।


श्री मुकेश शर्मा ने इस मौके पर कहा कि गत् नगर-निगम चुनाव में कुछ छुट भईयों ने लोगों को यह कहकर गुमराह किया था कि ओम विहार कालोनी में वो निगम चुनाव के तुरन्त बाद अपने खर्चे से सीवर लाईन डलवा देगें । उन्होंने कहा कि निगम चुनाव के बाद लोग अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे थे । उन्होंने यह भी कहा कि कालोनी में शिवशंकर रोड़ पर जिस तरीके से दिल्ली नगर निगम द्वारा थोड़े से हिस्से में नाला बनाया है उससे सड़क की चैड़ाई कम हो गई है । उन्होंने यह भी कहा कि कालोनी में गुन्डागर्दी का साम्राज्य स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है जिसे सहन नहीं किया जायेगा । उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि दिल्ली जल बोर्ड ने ओम विहार कालोनी में सीवर डालने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना को निगम चुनाव से पहले ही बना लिया गया था ।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री दीपक राठी ने जनसभा को सम्बोन्धित करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय निगम पार्षद के भ्रष्ट रवैये के कारण समस्त क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चैपट हो गई है और निगम पार्षद केवल गरीब लोगों द्वारा बनाए जा रहे मकानों से रिश्वत इकट्ठी करने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं कर रहे । उन्होने यह भी कहा कि समस्त नवादा वार्ड में विकास के नाम पर दिल्ली नगर निगम कोई काम नहीं कर रहा है, केवल कुछ लोग अपना और अपने परिवार का विकास करने में लगे हुए हैं ।

वहीं दूसरी ओर श्री मुकेश शर्मा ने आज 9 जून को सांय 5:00 बजे बिन्दापुर के पीर बाबा मैदान में होने वाली कांग्रेस की ऐतिहासिक विकास रैली में लोगों को जुटाने के लिए अपने जनसम्पर्क अभियान को जारी रखते हुए टी-ब्लाक, परमपुरी, सन्तोष पार्क, न्यू उत्तम नगर, विकास विहार व डी.डी.ए. फलैटों में एक दर्जन नुक्कड़ सभाओं को सम्बोन्धित किया । उन्होंने कहा कि रैली मोहन गार्डन से बड़ी होगी ।

राजनीति को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की मुहिम -राजनीति बने अन्य कोर्सों के तरह कैरियर


देश में बढ़ते घोटालों और राजनीतिक वायदा खिलाफी के बीच राजनीति को लेकर अच्छी खासी जंग छिड़ी है। देश की जनता वर्तमान राजनीतिक लोगों (केवल सत्ताधारी ही नहीं विपक्षी भी) से हताश हो चुकी है। यह हताशा वास्तव में राजनीतिक व्यवस्था से है। लोकतंत्र में राजनीतिक व्यवस्था बड़ी बात है और देश में राजनीति को जनसेवा का माध्यम की संज्ञा दी जाती है, जबकि राजनीति में आए लोग सत्ता हासिल करने की होड़ में लगे रहते हैं। जनसेवा से उनका सरोकार केवल वोट बैंक तक सीमित है।

हताशा के इस दौर में चुनाव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में क्या होगा? कहना मुश्किल है। कांग्रेस के प्रति लोगों का गुस्सा कह रहा है कि कांग्रेस जा रही है, लेकिन बंटे हुए विपक्ष और मुख्य विरोधी भाजपा की अन्तर्कलह कांग्रेस को तीसरी बार अगर सत्ता में ले आए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। अगर कांग्रेस चली भी जाए तो सरकार कौन बनाएगा एनडीए या थर्ड फ्रंट, यह भी तय नहीं है। राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा, यह तो चुनाव के बाद ही तय होगा, लेकिन इस पूरी मुहिम में एक खास बात सोचने की यह है कि क्या इससे जनता की हताशा कम होगी, क्या जनता का गुस्सा ठंडा हो पाएगा? शायद नहीं। यही कारण भी है कि एक जाता है दूसरा आता है और फिर वह चला जाता है और पहले वाला फिर आ जाता है।

वास्तव में आज राजनीति जनसेवा का माध्यम न होकर राजनीति कैरियर (आजीविका) हो गई है। जहां पर विधायक और सांसदों को लाखों रुपए के वेतन और भत्ते मिलते हों, वहां सेवा कैसी, वह तो कैरियर (आजीविका) है। बकौल अन्ना हजारे राजनीतिक दलों ने सत्ता से पैसा और पैसे से सत्ता हासिल कर लोकतांत्रिक गणराज्य का मखौल उड़ाया है। संविधान में दलीय व्यवस्था का प्रावधान नहीं होने के बावजूद इसे जनता पर थोप दिया। राजनीतिक दल औद्योगिक घरानों से चंदा लेकर काले धन को सफेद कर रहे हैं। पूरे देश से करीब छह करोड़ लोगों को एक साल के लिए जोड़ा जा रहा है। यही लोग पूरे देश में व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई को मुकाम तक ले जाएंगे। आज लड़ाई राजनीतिक दलों के लिए जहां सत्ता की है, वहीं जनता के लिए व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई है। ये लोग कभी नहीं चाहेंगे कि देश की जनता में राजनीतिक जागरूकता आए।

आज राजनीति को अगर कैरियर (आजीविका) का दर्जा मिल जाए तो आधी समस्या का समाधान हो सकता है। दिल्ली में एक विधायक करीबन 82 हजार रुपए प्रति मास सरकारी खजाने से ले रहा है। उत्तर प्रदेश में विधायक को 50 हजार रुपए से ज्यादा की राशि हर मास मिलती है। बिहार में यह राशि 1.65 लाख रुपए प्रति मास है। तमिलनाडू में 50 हजार, केरल में इसे अवर सचिव से ज्यादा रखने का प्रावधान है। पंजाब में विधायक औसतन एक लाख रुपए से ज्यादा प्रति मास ले रहा है। महाराष्ट्र में विधायकों का वेतन और भत्ते 75 हजार रुपए प्रति मास है। हरियाणा में विधायक को 62 हजार रुपए प्रति मास मिलते हैं। राजस्थान में यह राशि 70 हजार रुपए प्रति मास से ज्यादा है।

एक अध्ययन में पाया गया है कि देशभर में 800 सांसद और करीबन 4100 विधायक और लगभग 1000 से ज्यादा विधान परिषद के सदस्य चुनकर आते हैं, जो मोटी तनख्वाह और भत्ते लेते हैं। इनका वेतन कहीं भी अवर सचिव स्तर के अधिकारी से कम नहीं है और कई मामलों में तो यह प्रधान सचिव के वेतन के बराबर खड़े होते हैं। यही नहीं एक बार चुनाव जीतने के बाद इन्हें सारी उम्र पेंशन और भत्ते भी मिलते हैं। जब वह पेंशन के पात्र हैं तो इसका अर्थ यह भी है कि इन्हें सरकारी सेवा में माना गया है और जब सरकारी सेवा माना गया है तो यह कैरियर (आजीविका) क्यूं नहीं है?

देश के शिक्षा पाठयक्रम में राजनीतिक शास्त्र एक विषय तो है, यह सामान्य जानकारी और किताबी ज्ञान तो देता है, लेकिन व्यवहारिक दृष्टि से यह राजनीतिक चेतना जागृत करने में विफल है। विदेशों में ऐसे अनेक संस्थान हैं जो राजनीतिक नेतृत्व विकसित करने का काम कर रहे हैं। देश में भी कुछ ऐसे संस्थान हैं, जो राजनीतिक नेतृत्व पैदा करने का काम कर रहे हैं, लेकिन इनकी संख्या बहुत सीमित है और दाखिले के लिए इनमें नियमांक तय नहीं हैं। देश में जो प्राईवेट संस्थान राजनीति नेतृत्व पैदा करने का काम कर रहे हैं यहां उनमें पढ़ाए जाने वाले कुछ कोर्सों का जिक्र करना भी अनिवार्य है। इनमें संसद के चुनाव के लिए कोर्स करवाया जाता है। यह कोर्स 2 साल का है, जिसमें 18 मास संस्थान में प्रशिक्षण दिया जाता है और 6 महीने क्षेत्र में उसका प्रयोगात्मक विश्लेषण होता है। विधायक के चुनाव के लिए कोर्स इससे आधी अवधि का है और इसमें 8 मास संस्थान में और 4 मास क्षेत्र में प्रयोगात्मक विश्लेषण होता है। बिल्कुल विधानसभा कोर्स की तर्ज पर ही निगम के पार्षद के चुनाव का कोर्स करवाया जाता है। जो लोग चुनाव नहीं लडऩा चाहते, उनके लिए भी यहां पर छह मास के कोर्स करवाए जाते हैं जिनमें राजनीतिक जागरूकता कोर्स, नेतृत्व के गुण विकसित करने का कोर्स, चुनाव प्रबंधन का कोर्स शामिल है। इन सबका शुल्क समयानुसार है। आमतौर पर यह 2500 रुपए मासिक है। आज संसदीय चुनाव के लिए 40 लाख और विधानसभा चुनाव के लिए 16 लाख रुपए के खर्च की सीमा तय है। कुछ राज्यों में यह इससे कम भी है। सवाल यह भी है कि क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति इतने खर्च में चुनाव लड़ सकता है? एक संसदीय चुनाव में एक उम्मीदवार एक सौ गाडिय़ां लगाता है। एक गाड़ी का खर्च कम से कम 2000 रुपए प्रतिदिन है यानि 2 लाख रुपए हर रोज और यह कम से कम 15 दिन चलती हैं यानि खर्च सीमा का तीन चौथाई हिस्सा तो इसी में गया। उसके बाद होर्डिंग्स, जनसभाएं, पम्फलेट, अपने चुनाव सिम्बल के बिल्ले-झंडे यह सब अलग। फिर चुनाव है तो दारू भी बांटनी ही पड़ेगी। मतदाताओं को रिझाने के लिए कुछ और गिफ्ट भी बांटने पड़ सकते हैं। यह सही है कि चुनाव आयोग नहीं कहता कि आप इतनी गाडिय़ां लगाओ, दारू और गिफ्ट बांटो, लेकिन यह भी सच है कि इसके बिना काम नहीं चलता। यहां ये भी जरूरी है कि प्रशासनिक सेवा में जो अधिकारी आईएएस, आईपीएस बनते हैं उनको प्रशिक्षण हेतू भेजा जाता है। उसी तर्ज पर राजनीति में आए एवं चुने हुए प्रतिनिधियों का भी एक प्रशिक्षण संस्थान बने। ताकि विधायक एवं सांसद बनने के बाद प्रशासनिक एवं जनमानस के कार्यो को बखुबी कर सकें। 

चर्चा है कि कांग्रेस के एक कद्दावर नेता पूर्व में केन्द्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय भी संभाल चुके, चुनाव में पायल बांटते थे। अब पायल बांटते थे तो चुनाव भी जीतते थे। एक बार उनके विरोधी हताश हो गए कि ये क्या है, ये हर बार चुनाव जीत जाते हैं। विरोधी उम्मीदवार के चुनाव प्रबंधन में लगे लोगों को जब पता चला कि मामला ऐसे बिगड़ता है तो उन्होंने भी एक चाल चली कि चुनाव से दो दिन पहले सभी लोगों को संदेश भिजवा दिया कि कांग्रेस उच्चकमान के यहां से एक-एक शाल और 2100 रुपए नगद आए हैं। यह सामान लेकर पावती जरूर देना। अब लोग मांगने लगे शाल और 2100 रुपए नगद नेताजी के पास न आए थे और न उन्होंने देने का मन बनाया था, बस फिर क्या था पायल बांटने का कोई लाभ नहीं हुआ और नेताजी चुनाव हार गए। पैसा भी लगा और चुनाव भी हारे।

खैर ये सब तो लगा हुआ है कभी कोई जीतता है और कोई हारता है, लेकिन आज इस देश में राजनीति को जनसेवा की बजाए कैरियर (आजीविका) का अगर दर्जा मिले और विश्वविद्यालयों, कालेजों में राजनीति की व्यवहारिक पढ़ाई हो तो निश्चित तौर पर देश की राजनीति में किसी हद तक शुचिता आ सकती है। लोगों की हताशा कम हो सकती है। झूठे वायदे और नारों पर रोक लग सकती है। अग्रवाल वैश्य समाज ने हरियाणा के मुख्यमंत्री एवं प्रदेश में स्थापित विश्वविद्यालय के कुलपतियों को इस संदर्भ में कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखकर पहल की। इस पत्र में समाज ने अपील की है कि राजनीति को आजीविका का साधन बनाने हेतू पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए। अग्रवाल वैश्य समाज ने इस संदर्भ में राजनीतिक प्रशिक्षण के लिए एक संस्थान बनाने की योजना भी बनाई है।
मुझे याद है हरियाणा में शराबबंदी का नारा दिया गया और चुनाव में कहा गया कि शराबबंदी के कारण कोई कर वृद्धि नहीं होगी और कोई नया कर नहीं लगेगा, लेकिन सरकार तो पैसे से चलेगी, पैसा कहां से आएगा, यह सोचा तक नहीं गया। सत्ता मिली और शराबबंदी की घोषणा के साथ ही प्रदेश में करों का बोझ बढ़ाना पड़ा, शराब फिर खुल गई, मगर टैक्स कम नहीं हुए।

ये कुछ उदाहरण हैं, जो इस बात का सूचक हैं कि सत्ता में आने के लिए राजनीतिक दल कोई भी प्रलोभन या नारा दे सकते हैं और जनता को उसमें उलझाए रखते हैं, वह जनता को यह सोचने का मौका ही नहीं देना चाहते कि ऐसा होगा कैसे? यह सब व्यवस्था परिवर्तन से संभव है। ऐसा क्या हो कि देश की जनता में में बढ़ रही राजनीतिक हताशा को कम किया जा सके। इसमें कोई एक ही फैक्टर नहीं है, अनेक फैक्टर हो सकते हैं, जिससे राजनीतिक माहौल में कुछ हद तक सुधार की उम्मीद की जा सकती है। 

1. राजनीति को जनसेवा की बजाए कैरियर (आजीविका) का दर्जा दे दिया जाए। इससे स्कूलों, कालेजों में बच्चों को राजनीति का व्यवहारिक ज्ञान मिलेगा। जब आम बच्चा जागरूक होगा तो हताशा कम होगा।

2. राष्ट्रपति के चुनाव में हर राज्य के विधायक के मत की शक्ति अलग है। वह जनसंख्या के लिहाज से है, लेकिन यहां पर शिक्षा के लिहाज से हर व्यक्ति की मत शक्ति अलग की जा सकती है। अधिक शिक्षित व्यक्ति को अधिक मत डालने की शक्ति हो, जिससे देश के निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी। पानी से बिजली निकालने के बाद आने वाले पानी से फसल नहीं होती, ऐसे नारे देने वाले नेता चुनाव नहीं जीत पाएंगे।

3. राईट टू रिजैक्ट और राईट टू रिकॉल जनता को दिया जाए, ताकि चुनावों के प्रति पूरी तरह से नाउम्मीद हो चले लोगों को बूथ तक आने पर सोचना पड़े।

4. मतदान को अधिकार की बजाए कर्तव्य का दर्जा दिया जाए और मतदान नहीं करने वाले लोगों पर कार्रवाई हो।

सवाल फिर वहीं खड़ा है कि क्या व्यवस्था परिवर्तन की यह लड़ाई वर्तमान राजनीतिक दल लड़ पाएंगे?


दीक्षा, प्रियंका और एकता बनीं मॉडल ऑफ मंथ


 राजधानी दिल्ली में फैशन जगत को प्रमोट करन के लिए हर महीने शुरु हुए मॉडल हंट में इस बार दीक्षा, प्रियंका और एकता ने बाजी मारी। जबकि पुरुष वर्ग में अभिनव, मुकुल व आशुतोष विजयी रहे। नेशनल मंथली मैग्जीन आज की दिल्ली की तरफ से आयोजित मॉडल हंट आज की दिल्ली मॉडल ऑफ़ द मंथ शो का आयोजन 25 मई को दिल्ली हाट पीतमपुरा मे किया गया था। शो के आयोजक योगराज शर्मा ने द्वारका परिचय को बताया कि ये चौथा महीना था जो हर महीने मेल, फीमेल व किड्स म़ॉडल्स को प्रमोट करने के लिए ये मॉडल हंट करवाया जा रहा है। पेज-3 व फैशन जगत के दिग्गज चेहरे इस मॉडल हंट में जज के रुप में पहुंचते है। शो के फैशन कोरियोग्राफर बाबला कथूरिया है और शो डायरेक्टर स्तुति गंगवार है।

A Life Dancing In Sketches



Minister of State for External Affairs and a member of Indian National Congress Parneet Kaur inaugurated the Art Exhibition titled as Life & Dance today at Lalit Kala Academy. 

The exhibition is based on the lifetime experiences of Artist turned Additional District & Session Judge Virender Goyal. Many other known faces of the field of Art, Culture, writing and Judiciary was present at the occasion.
After lighting of the lamps Madam Minister Praneet Kaur said that she is very much happy to inaugurate the amazing exhibition based on the different facets of life. "I was not aware about such artistic mind of Virender. I only considered him as a great poet and eminent writer, but now I have to set my mind again for adding this additional quality of this great human Virender, she said.

S.K.Sarvariya, District & Sessions Judge, Delhi (North-West District), eminent writer Vijay Singal , worldly known lens-man Atul Bhardwaj, Pravasi Sansar fame Rakesh Pandey, Senior IPS officer turned photographer Somesh Goyal along with S.K. Jain, Additional District & Sessions Judge, Delhi, Shail Jain, Additional District & Sessions Judge, Delhi, Sanjeev Jain, Additional District & Sessions Judge, Delhi, Raj Kumar Chauhan, Additional District & Sessions Judge, Delhi, Barkha Gupta Additional District & Sessions Judge, Delhi, Nivedita Anil Sharma, Additional District & Sessions Judge, Delhi, were also present at the occasion.

समलैगिंग किरदार में नजर आएगें ..... गुलशन ग्रोवर

प्रेमबाबू शर्मा 

बालीवुड बेडमैन के रूप में लोकप्रियता पाने वाले अभिनेता गुलशन ग्रोवर के खाते में सबसे ज्यादा नकारत्मक किरदार ही आए। अस्सी के दशक से अपने को फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाले गुलशन ने फिर पीछे मुड़कर नही देखा, लगभग तीस सालों में चार सौ से भी अधिक फिल्मों में उन्होंने कई तरह की भूमिकाएं निभाई। गुलशन ग्रोवर ने ना केवल भारतीय सिनेमा में बल्कि हॉलीवुड मैं और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बनाई।’ गुलशन ग्रोवर इन दिनों सुर्खियों में अपनी नई फिल्म ‘बात बन गई’ में अभिनीत पुरुष वेश्या (समलैंगिक) किरदार को लेकर। अपने कैरियर को लेकर वे क्या सोचते सुनते है हाल में उनसे हुई बातचीत हुई पेश है उसके प्रमुख अंश है ................’

फिल्म ‘बात बन गई’ में नए निर्देशक शुजा अली के साथ काम करने की कोई खास वजह ?
निर्देशक शुजा अली नए नहीं हैं, उन्होंने कई विज्ञापन फिल्में बनाई है, कई धारावाहिकों का निर्देशन भी किया हैं, ये उनकी पहली फिल्म जरुर है पर अपना काम वो अच्छी तरह से जानते हैं। दूसरी बाम फिल्म का कहानी ही दमदार थी कि मैं किरदार के लिए मना नही कर पाया और शुजा के साथ मे काम करना स्वीकार लिया।

फिल्म अपने किरदार के बारे में बताएगें ?
‘बात बन गई’ एक सामाजिक कॉमेडी फिल्म है और मैने पहली बार किसी फिल्म में डबल रोल किया हैं। एक भूमिका में प्रोफेसर हूं मैं, और दूसरी भूमिका में समलैंगिक यानि पुरुष वेश्या बना हूं, दोनों ही भूमिका मैने पहली बार की है।

फिल्म के ‘बात बन गई’ की कहानी क्या है ?’
‘बात बन गई’ साफ सुथरी पारिवारिक कॉमेडी फिल्म कही जा सकती है, ये कहानी शेक्सपियर के एक नाटक पर आधारित है की दुनिया में एक ही शक्ल के सात इंसान होते हैं, ये बात धार्मिक और वैज्ञानिक आधार पर साबित हो चुकी है।’ इसी कथानक को दर्शाती है फिल्म की कहानी।

आपकी पहचान बैड मैन के रूप में है और इसी तरह की कई भूमिकाएं भी आपने निभाई है, ‘समलैंगिक’ वाली भूमिका निभाने के लिये कोई खास वजह ?’
’वजह क्या होगी? एक कलाकार होने के नाते मैं हर किरदार को जीने की चाह रखता हूँ। और लोगों ने भी मुझे हर किरदार में स्वीकारा है। अब भी मुझे उम्मीद है कि लोग बैड मैन की तरह मुझे नये   मे भी स्वीकारेगें।

फिल्म में खास बात क्या लगी जिसने आपको ये भूमिका निभाने के लिये मजबूर किया है?’
फिल्म ‘बात बन गई’ में मैने पहली बार दोहरी भूमिका निभाई है और दोनों ही भूमिकाओ में काफी नयापन है, समलैंगिक की, दूसरी भूमिका के कारण पहली भूमिका वाले प्रोफेसर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो कॉमेडी का रूप बन जाता है, फिल्म में मुझ पर एक गाना भी फिल्माया गया है जो की पंजाब के एक लोकप्रिय गायक ने गाया है, सबसे मजेदार बात ये है की फिल्म के लगभग सभी पात्र दोहरी भूमिका में हैं और सबको अच्छी तरह से संभालना किसी भी निर्देशक के लिये मुश्किल हो सकता है, लेकिन शुजा अली ने बड़ी ही खूबसूरती से सभी भूमिकाओं के साथ न्याय किया हैं. दर्शक फिल्म का अवश्य मजा लेंगे।’

Bhairavi Goswami bold in “The City That Never Sleeps” movie


Abhishek Dubey 

No one can beat Bhairavi Goswami when it comes to raising the heat. It seems sultry actress Bhairavi Goswami is going to give a tough competition to Jacqueline Fernandez, Vidya Balan and Kareena Kapoor in her upcoming flick “The City That Never Sleeps”. Grapevine has it that this hottie is going to leave no stone unturn in her acting as in the movie. She will be one of the boldest babes who will drop all her inhibitions and embraced glamour with utmost grace. She will do boldest scene ever and make her fans drop their jaws with her sensuous rhythmic body movements. The movie is going to create a history in the Indian cinema which is produced by Satish Reddy and Directed by Haroon Rashid.

Bhairavi Goswami Said, “Enacting love making scene on screen is no big deal. I have never done anything like this before so it was going to be a different experience for me. I will explore every part of my physics and invent a few of my own statics”.

Bhairavi’s debut movie Bheja Fry where she acted as a lead actress were she was appreciated by audiences. She also acted in the children's hit composite animation film ‘My Friend Ganesha 2’. She played a glamorous girl in Mr. Bhatti on Chutti, starring Anupam Kher in lead role and featuring Amitabh Bachchan in a cameo appearance.

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