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Wednesday, December 13, 2017

फटे होठों में तेल मालिश स्कून देगी

-शहनाज हुसैन

सर्दियों में वातावरण में नमी की वजह से होठों का फटना आम बात है। लेकिन फटे होंठ जहां चेहरे पर बदसूरती का अहसास कराते है वहीं दूसरी ओर शारीरिक पीड़ा का कारण बनते है। सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि नारियल तेल, आॅर्गन तेल पर आधारित होठों के वाम, तथा लिपिस्टिक के प्रयोग से होठों को फटने से बचाया जा सकता है।

होंठ चेहरे की सुन्दरता में अहम भूमिका अदा करते है। आपसी वार्तालाप में सामान्यता होंठ आपसी आकर्षण का केन्द्र बनते है। होंठ चेहरे की बनावट में आंखों तथा नाक की तरह महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है। होठों की सुन्दरता से चेहरे का आभा तथा निखार को चार चान्द लग जाते है। 

सर्दी के मौसम में नमी की कमी के इलावा शरीर में पोषाहार तत्वों की कमी की वजह से भी होंठ फट जाते है। शरीर में विटामिन-ए, सी तथा बी-2 की कमी से कई बार होठों में दरारे आ जाती है तथा खून बहना शुरू हो जाता है। सर्दियों में अगर आपके होंठ लगातार फट रहे है तथा सामान्य घरेलू उपचारों द्वारा राहत नहीं मिल रही है तो आप बाहरी सौन्दर्य प्रसाधनों की बजाय अपने खान-पान पर ज्यादा ध्यान दीजिए। आप खट्टे फल, पका पपीता, टमाटर, हरी पत्तों वाली सब्जियां, गाजर, जैई तथा दूध वाले पदार्थो को जरूर शामिल कीजिए, लेकिन यदि आप डायबिटिज या उच्च रक्तचाप की समस्या से भी जूझ रहे हैं तो अपने डाईट में बदलाव से पहले डाक्टर से जरूर सलाह मशवरा कर लीजिए। अपने होठों पर साबुन या पाउडर के प्रयोग से परहेज कीजिए तथा होठों पर बाम तथा चिकनी लिपस्टिक का उपयोग कीजिए। होठों पर बादाम तेल या क्रीम लगाकर इसे रात्रि में लगा रहने दें। लिपस्टिक क्लीजिंग क्रीम या जैल से हटाइए। होठों को बालों या आयल गलैडस की प्रतिरक्षा प्राप्त नहीं होती जिससे वह शरीर के अन्य अंगों की अपेक्षा जल्दी शुष्क हो जाती है। सर्दियों में अपने होठों को जीभ से कतई मत चाटिए। इससे होठों में शुष्कता आने से फटने की सम्भावनायें बढ़ जाती है। होठों की कद्र करने से होठों की सुन्दरता बढ़ती है। होठों की चमड़ी पतली तथा अत्यन्त संवेदनशील होती है जिससे यह सर्दियों में फट जाती है। सर्दियों में चेहरे को धोने के बाद होठों को मुलायम तौलिये से हल्के से पौंछना चाहिए ताकि मृत कोशिकाओं को हटाया जा सके। रात्रि को आप प्रतिदिन एक घंटा तक होठों पर मलाई लगा कर रख सकते है तथा यदि इससे होठों का रंग काला पड़ जाता है तो मलाई में नीबूं जूस की कुछ बंूदे शामिल कर लीजिए। रात्रि में शुद्ध बादाम तेल तथा आॅर्गन तेल होठों की त्वचा को पौष्टिकता प्रदान करने में अहम भूमिका अदा करते है। आॅर्गन आयल को मुख्यतः खाद्य तेल तथा त्वचा एवं खोपड़ी की समस्या से जूझने के लिए उपयोग किया जाता रहा है। आर्गन आयल अनसैचूरेटड फैटी एसिड से भरपूर होता है तथा इससे माइस्चराइड क्रीम, लोशन, फेश पैक तथा हेयर आॅयल जैसे सौन्दर्य प्रसाधनों में प्रयोग किया जाता है। यह त्वचा की लचकीलेपन जैसे गुणों को बनाए रखकर त्वचा में नवयौवनता का संचार करके बुढ़ापे के लक्ष्णों को रोकता है। इससे त्वचा में शीघ्रता से समा जाने के गुणों से यह होठों के लिए अति उत्तम माना जाता है। आर्गन आयल की बूंदों को आप सीधे होठों पर मालिश कर सकते है। नारियल तेल को पोषक तथा नमी बनाए रखने के गुणों से भरपूर माना जाता है। यह त्वचा को मुलायम तथा कोमल बनाता है। इसे होठों पर लगाने से सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणों के नुकसान को रोका जा सकता है तथा यह त्वचा की क्रीम से बेहतर सुरक्षा कवच प्रदान करता है। 

नारियल तेल को त्वचा मुख्यतः चेहरे के मेकअप को हटाने में प्रयोग किया जा सकता है। नारियल तेल को सौंदर्य प्रसाधन तथा खाद्य तेल दोनों प्रकार से पूरी तरह सुरक्षित रूप से प्रयोग किया जा सकता है, क्योंकि अन्य सौंदर्य प्रसाधनों के मुकाबले इसमें कोई भी सिंथेटिक संघटक विद्यमान नहीं होते तथा अन्य तेलों की उपेक्षा नारियल तेल से कभी दुर्गन्ध भी नहीं आती, नारियल तेल तथा आॅर्गन तेल आधारित होंठ बाम तथा होंठ क्रीम सर्दियों में होठों के सौंदर्य में प्रयोग की जा सकती है। 

लेखिका अन्र्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ है तथा हर्बल क्वीन के नाम से जानी जाती है।

Giraffe Heroes India invites nominations from all over India


Giraffe Heroes India invites nominations from all over India



The Giraffe Heroes India Program

A Giraffe Hero is a person who sticks his or her neck out on sustainable basis, for public good, at huge personal risk. Giraffe Heroes India Program is an off-shoot of non-profit Giraffe Heroes Project which was started in USA in 1984, by Ann Medlock. The aim of starting this Project was to find out unknown heroes of the society, commend them as Giraffes for sticking their necks out & get their stories told on radio, television & in print. Giraffe stories would tell the people that there was headway being made on the problems of the world, that there were individuals who had solutions & the courage to move into action. The stories would move people`s souls & get them moving on public problems that mattered to them.


Some days back, a brief write up, about Giraffe Heroes India Programme (GHIP) was published in Dwarka Parichay, our media associate.
This Programme, as some of the readers may recall, is about throwing light on UNSUNG HEROES of INDIA.
How it is done?
Details about it (criteria for giraffedom,nomination form,et al) are available at
www.giraffe.org/global/india
GHIP is an associate of Giraffe Heroes Project of US.

May I invite all the readers to visit the website & thereafter send nominations of deserving candidates.
A jury consisting of eminent persons will appraise the recd nominations & then recommend COMMENDING the Giraffe Heroes

Vijay K. Saluja
DIRECTOR
GHIP
saluvk@gmail.com


Happy Birthday- Harsh Vardhan


Monday, December 11, 2017

Liti Festival-A great step to promote Tourism Development at root level

The Glimpse of Liti Festival-A great step to promote Tourism Development at root level-Very positive initiative jointly by Uttarakhand Tourism Development Board & CHINAR-NGO.
(Photo: Report & Photos: S.S. Dogra). 

Visit again for more detail & photographs of the event.





S.P.Gupta appointed as chairman Animal Welfare Board of India


Mr.S.P.Gupta former IAS officer from Haryana cadre has been appointed as chairman Animal Welfare Board of India ; Ministry of Environment, Forest and Climate Change , Govt. of India, a high profile and most prestigious Board in the World functioning for animal care and welfare as government institution vide a notification dated 8th December 2017 w.e.f 6thDecember 2017. Animal Welfare Board of India (AWBI), the first largest body of any kind established by any government in the world, was established for the prevention of cruelty on animals, board comprise 28 members including - Chairman, Vice Chairman, Inspectors General of Forests, Animal Husbandry Commissioner, Rep of Miny. of Home Affairs, Rep of Miny. of HRD (Education), 4 MPs - Lok Sabha, 2 MPs - Rajya Sabha, Humanitarians, SPCAs, AWOs, Rep. of Indian Board for Wildlife, Rep. of Indian Veterinary Assn., Rep. of Indian Medicine, Rep. of Allopathic Medicine, Municipal Corporations etc.

Gupta is also hailed as the Architect of Gurgaon for his contribution to the development of the millennium city while working as the Chief of Haryana Urban Development Authority (HUDA) Gurgaon.

Born on 4th December 1949, SP Gupta worked for more than 35 years in the administrative service in the field of urban development. He is a well-known face in the field of Infrastructural Development i.e. Urban Development, Housing, Land Acquisition, and Agriculture with special emphasis on Organic Farming, Animal Husbandry with special reference to Cow Wealth Protection and Samvardhan, Environment & Forest, Regulatory and enforcement functions. He is been awarded several prestigious National and International awards. He is a founder President of international NGO “People Voice”. He has fully devoted himself to the protection of cows and is looking after Kamdhenu Gowdham at Mewat Haryana.

Recognizing his dynamic personality and work toward the welfare of Animals, Government of India appointed Gupta as the Chairman of the AWBI. After Major General Kharab as the Chairman of AWBI last year following a bitter dispute with the Government over the issue of Jallikattu, Ministry of Environment, Forest, and Climate change had given additional charge of Chairman AWBI to DG Forest. Now the Government has issued the fresh order paving way for the SP Gupta to be appointed as the new Chairman of AWBI along with three new members, Dr. Prakash Amte, Rakesh Gupta and Anjali Gopalan.

Aaradhana of Sri Chandrasekarendra Saraswathi Sankaracharya Swamigal


उप-राज्यपाल से डीडीए के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग:दयानंद वत्स


आदर्श ग्रामीण समाज दिल्ली के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दयानन्द वत्स ने दिल्ली के उपराज्यपाल और डीडीए के चेयरमेन श्री अनिल बैजल को पत्र लिखकर उनसे डीडीए के रोहिणी इलैक्ट्रिक डिवीजन के अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की मांग की है जिनकी लापरवाही के चलते रोहिणी हैलीपोर्ट रोड पर तीन किलोमीटर लंबी सडक अंधेरे में डूबी है। सैंकडों खंबे लगे हैं पर लाइट तीन पर ही जलती है। यह रोहिणी को बवाना औद्योगिक क्षेत्र को जोडने वाला एकमात्र अतिव्यस्त मार्ग है। प्रति घंटा हजारों छोटे बडे वाहन यहां से गुजरते हैं। अंधेरे का फायदा असामाजिक तत्वों को तो होता ही है साथ ही दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ जाती है। डीडीए के निर्माण कार्य के चलते हैलीपोर्ट रोड की सडक में पांच जगहों से रोड कटिंग तो की गई लेकिन खराब गड्ढा युक्त सडक को आज तक फिर से नहीं बनाया गया है। जिसके कारण वाहन चालक दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं। सारी सडक पर मिट्टी जमा है। वाहनों के गुजरने से धूल कख गुबार हर.समय.उठता रहता है।
श्री वत्स ने उपराज्यपाल से रात को हैलीपोर्ट रोड का औचक निरीक्षण करने की अपील की है ताकि वे वस्तुस्थिति से खुद रुबरु हो सकें।

रात को दिल्ली पुलिस की पिकेट भी पहले हैलीपोर्ट रोड पर लगती थी। लेकिन काफी समय से.यहां पुलिस की मौजूदगी भी नहीं है। रात को घुप्प अंधेरे में वाहन चालकों व पैदल यात्रियो को आपराधिक तत्वों का डर बना रहता है। महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से भी रोहिणी हैलीपोर्ट रोड एक डार्क स्पाट है।

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